पहले दिन बाजारों से 1.26 लाख रुपये तहबाजारी फीस एकत्रित
अतिक्रमण हटाने का अभियान रहा जारी, 10 मेज की जब्त
हिसार। दिवाली के त्योहार पर नगर निगम ने बुधवार से बरामदों व सड़कों पर लगी स्टॉल से तहबाजारी फीस एकत्रित करने का अभियान शुरू किया। पहले दिन निगम कर्मचारियों से फीस के रूप में 1.26 लाख रुपये एकत्रित किए। वीरवार को फीस एकत्रित करने का अभियान जारी रहेगा।
बता दें कि व्यापारियों ने निगम प्रशासन से दुकानों के आगे बने बरामदों में सामान रखकर बेचने की अनुमति मांगी थी। निगम प्रशासन ने दुकानदारों को इस शर्त पर बरामदों में स्टॉल लगाने की अनुमति थी कि इसके बदले में उनसे 50 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से तहबाजारी फीस ली जाएगी। इसके अलावा शहर में जहां-जहां सड़क किनारे स्टॉल लगी हैं, निगम उनसे भी तहबाजारी फीस ले रहा है।
दो टीमों का किया हुआ है गठन
तहबाजारी फीस वसूलने के लिए निगम प्रशासन की तरफ से दो टीमों का गठन किया हुआ है। दोनों टीमों में चार-चार कर्मचारी शामिल किए गए हैं। एक टीम राजगुरु मार्केट, आर्य बाजार, मोती बाजार, भगत सिंह मार्केट सहित आसपास के क्षेत्र और दूसरी टीम के पास पटेल नगर, डीसी-एमसी कॉलोनी, मॉडल टाउन सहित आसपास के क्षेत्र से तहबाजारी फीस एकत्रित करेगी।
अतिक्रमण हटाने का अभियान रहा जारी
बुधवार को राजगुरु मार्केट सहित अन्य बाजारों से अतिक्रमण हटाने का निगम का अभियान जारी रहा। अभियान के तहत टीम ने दुकानों के आगे रखी 10 मेजों को जब्त किया। साथ ही जाम का कारण बन रहे रेहड़ी वालों को मार्केट से बाहर करवाया। इस दौरान एक रेहड़ी वाले ने निगम कर्मचारी से दुर्व्यवहार भी किया।
बाजारों में जुटी ग्राहकों की भीड़
उधर लगातार दूसरे दिन भी बाजारों में खरीदारी को लेकर ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ जुटी। इस दौरान लोगों ने खूब खरीदारी की। ग्राहकों की भीड़ देखकर व्यापारियों के चेहरे पर रौनक लौट आई। बता दें कि कोरोना महामारी के कारण काफी समय से बाजारों में मंदी छाई थी। इस दिवाली पर व्यापारी ये उम्मीद लगाए बैठे थे कि बाजारों में ग्राहकों की रौनक फिर से लौटेगी।
दिल्ली रोड दिन भर रहा जाम
शहर में बाजारों के अलावा मुख्य मार्गों खासतौर पर दिल्ली रोड पर दिन भर जाम की स्थिति रही। लोग सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करके खरीदारी करने में जुट गए, जिससे हालात बिगड़े। हालांकि ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारी क्रेन के साथ दिल्ली रोड पर दिन भर चक्कर लगाते रहे और सड़कों पर खड़े वाहनों को हटवाते रहे। मगर ट्रैफिक पुलिस के प्रयास नाकाफी साबित हुए। दिल्ली रोड पर जगह-जगह इस कदर जाम लगा हुआ था कि जिस रास्ते को पार करने में 15 मिनट का समय लगता है, उसमें 45 मिनट का समय लगा।