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विद्यार्थी निर्भय-आत्मविश्वासी बनें, ज्ञान व सच्चाई है तो डरने की जरूरत नहीं : बंडारू दत्तात्रेय

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हिसार। गुरु जंभेश्वर महाराज ने सन 1485 में 29 शिक्षाओं से मानव विकास के लिए बिश्नोई समाज की स्थापना की थी और वे श्री विष्णु का हरि नाम का जाप करते थे। हमारे संत महात्माओं ने जो हमें मानव जीवन के सिद्धांत दिए हैं, उन्हें कायम रखते हुए अगर आगे बढ़ेंगे, तो भारत अवश्य ही विश्व गुरु बनेगा। विद्यार्थी निर्भय और आत्मविश्वासी बनें, अगर आपके साथ ज्ञान व सच्चाई है तो किसी से डरने की जरूरत नहीं हैै। यह कहना है राज्यपाल एवं जीजेयू के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय का। वह शुक्रवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
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इस दौरान राज्यपाल ने दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के भवन का शिलान्यास किया। 4500 वर्गमीटर में बनने वाले इस तीन मंजिला भवन पर करीब 11.67 करोड़ रुपये की लागत आएगी। भवन में निदेशक, उपनिदेशक व सहायक निदेशक के लिए कमरे, कांफ्रेंस हाल, आठ शिक्षक रूम, चार कार्यालय सेक्शन, दो कंप्यूटर लैब, एक परीक्षा हाल, चार कक्षा रूम, एक मल्टीमीडिया रूम, एक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल, एक लाइब्रेरी, एक विजिटर रूम, सभी तलों पर स्टोर का निर्माण किया जाएगा।
विश्व में श्रेष्ठ पहचान बनाएगा विवि
उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान को जितना भी बढ़ाएंगे, देश उतना ही आगे बढ़ेगा। संत महात्माओं के गौरव से स्फूर्ति लेकर भारत ज्ञान-विज्ञान के पथ पर चल कर आत्मनिर्भर बन रहा है। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय महान पर्यावरणविद एवं संत गुरु जम्भेश्वर महाराज के नाम पर स्थापित है। यह विश्वविद्यालय ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दे रहा है। मुझे विश्वास है कि आगामी 25 सालों में यह विश्वविद्यालय विश्व में अपनी श्रेष्ठ पहचान बना चुका होगा। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने की। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष रणबीर सिंह गंगवा, कुलसचिव प्रो. अवनीश वर्मा, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक ओपी सांगवान, डॉ. गीतू धवन, सिमरन आर्य आदि मौजूद रहे।
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जन-जन के शिक्षा पूरी करने के सपने को पूरा कर रही जीजेयू
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने कहा कि विश्वविद्यालय जहां अटल नवाचार उपलब्धि रैंकिंग 2020 में 6-25 रैंक बैंड, वहीं टाइम्स हायर वर्ल्ड रैंकिंग यूके 2021 में अंतरराष्ट्रीय रैंक 800 से 1000 हासिल कर चुका है। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय जन-जन की शिक्षा के सपने को पूरा कर रहा है। किसी कारणवश विपरीत परिस्थितियों के चलते शिक्षा प्राप्त करवाने में असमर्थ विद्यार्थियों को यह निदेशालय फिर से शिक्षा की ओर ले जा रहा है। दूरस्थ शिक्षा के सभी कोर्सिज यूजीसी-डेब व यूजीसी से मान्यता प्राप्त हैं।
इन्हें मिला सम्मान : विश्वविद्यालय के पूर्व निदेशक प्रो. एमएस तुरान, प्रो. नवल किशोर, प्रो. कुलदीप बंसल, प्रो. योगेश चाबा, प्रो. हरभजन बंसल, डीएसपी अजीत सिंह, दूरदर्शन प्रोड्यूसर तुमुल कैकर, राष्ट्रीय सहारा ब्यूरो चीफ रोशन गौड़, अभिनेत्री मनीषा चौहान, दीपेश सिंगला, रजत भारद्वाज, डॉ. सतीश सैनी, रवि मुंजाल, डा. राकेश तनेजा, डिम्पी ढांडा, अल्का, रेखा रितु, बलबीर, राम विकास मोर्य, राहुल गर्ग व सुरेंद्र कुमार को सम्मानित किया गया।
मंच पर निदेशक की कुर्सी पर बैठी भाजपा नेता
कार्यक्रम केे दौरान मंच पर राज्यपाल, डिप्टी स्पीकर, वीसी, रजिस्ट्रार व दूरस्थ शिक्षा के निदेशक कुर्सी लगी हुई थी। इसी दौरान एक महिला भाजपा नेता दूरस्थ शिक्षा निदेशक की कुर्सी पर बैठ गई। ऐसे में निदेशक ने महिला नेता से बातचीत की। इसके बाद महिला नेता राज्यपाल का अभिवादन करके सभागार से बाहर चली गईं।
अब 10 हजार नहीं 15 हजार मिलेगी छात्रवृत्ति
रजत जयंती समारोह के बाद राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने जीजेयू कोर्ट की 33वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की शोध छात्रवृति प्रत्येक वर्ष प्रत्येक विभाग में एक शोधार्थी के बजाय दो शोधार्थियों को दी जाएगी। बैठक में पिछली बैठकों के कार्यों की पुष्टि करते हुए उस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए अनुमानित बजट को अनुमोदित किया गया। नई शिक्षा नीति के संदर्भ में विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीए वोकेशनल फूड प्रोसेसिंग एंड इंजीनियरिग व बीए मास कम्युनिकेशन प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। विभागों में प्रयोगशालाएं आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं व अन्य संबंधित सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्थापित की जाएंगी।
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