हिसार। राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के विद्यार्थियों ने सोमवार को ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने संस्थान का गेट बंद कर दिया। संस्थान के प्राचार्य ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने आकर संस्थान का दरवाजा खुलवाया।
वहीं बहुतकनीकी संस्थान के प्राचार्य अशोक कुमार ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थियों ने अपना प्रदर्शन बंद नहीं किया। प्रदर्शनकारी विद्यार्थी बार-बार संस्थान का गेट बंद करने का प्रयास और प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे तीन विद्यार्थियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों में एक आउटसाइडर व दो बहुतनीकी संस्थान के ही छात्र थे।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि राजकीय बहुतकनीकी संस्थान द्वारा सभी विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑफलाइन विकल्प में ही करवाई जा रही है। विद्यार्थियों ने कहा कि जब कॉलेज व यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑफलाइन व ऑनलाइन विकल्प में आयोजित हो रही हैं तो बहुतकनीकी संस्थान के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ऑफलाइन ही क्यों करवाई जा रही हैं। विद्यार्थियों की मांग है कि ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प भी दिया जाए।
प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के मध्यनजर पिछले वर्ष ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित हुई थी। जिन विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम पिछले सेमेस्टरों से खराब आ रहा था, जो विद्यार्थी होशियार नहीं थे वे सब विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षा देने से अच्छे अंको से पास हो गए। वहीं जो विद्यार्थी पढ़ाई में होशियार थे जिनका परीक्षा परिणाम हमेशा अच्छा आता था वे विद्यार्थी ऑनलाइन परीक्षाओं में फेल हो गए। ऐसे में तकनीकी निदेशालय ने ऑफलाइन परीक्षा लेने का ही निर्णय लिया है।
ऑनलाइन परीक्षाएं करवाने की मांग को लेकर द्वितीय व तृतीय वर्ष की विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान जब विद्यार्थी गेट बंद करने लगे तो हमने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने फिर अपने स्तर पर प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत। हमने भी छात्रों को समझाया। पिछली साल ऑनलाइन परीक्षाएं हुई थी। इस वर्ष ऑफलाइन परीक्षाएं ली जाएंगी।
- अशोक कुुमार, प्राचार्य, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, हिसार