फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: किसी को नहीं मिल रही फर्द तो किसी का नहीं बन रहा रिहायशी प्रमाणपत्र

विज्ञापन
हिसार पटवार भवन में कमरों पर लगे ताले
विज्ञापन
हिसार। पटवारियों की हड़ताल के कारण आमजन को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हड़ताल के कारण किसी को फर्द नहीं मिल रही तो किसी का रिहायशी व जाति प्रमाणपत्र का काम अटका पड़ा है। प्रतिदिन लोग पटवार भवन में आ रहे हैं, मगर हड़ताल के कारण बिना कार्य कराए मायूस लौटना पड़ता है।
विज्ञापन

द रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन जिला हिसार ने मांगों को लेकर सोमवार को भी सांकेतिक कार्य बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर सातवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा। अध्यक्षता जयसिंह कानूनगो हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने की और मंच का संचालन उप प्रधान गुरुदेव व पूर्व सचिव बलबीर झाझड़िया ने किया। एसोसिएशन के जिला प्रधान आजाद सिंह बिश्नोई ने बताया कि पटवारी व कानूनगो की मांगें पिछले काफी समय से लंबित हैं, जिसमें मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार जनवरी 2016 से 32100 रुपये वेतनमान लागू किया जाए, प्रदेश में पटवारियों के रिक्त पड़े पदों को स्थायी भर्ती से भरा जाए, ट्रेनिंग को ड्यूटी समय में शामिल किया जाए, पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए, जब तक नई भर्तियां नहीं होती तब तक जिस पटवारी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है उसे अन्य राज्यों की तर्ज पर वेतन व भत्ते दिए जाएं।

- मैं पटवारी से पीएम किसान सम्मान निधि के फार्म पर हस्ताक्षर करवाने आया हूं। पटवारी के हस्ताक्षर के बाद ही मुझे यह राशि मिलेगी। मैं पिछले 4-5 दिनों से लगातार यहां आ रहा हूं। मगर काम नहीं बन रहा है। -
विज्ञापन

हवासिंह, निवासी, मंगाली मोहब्बतपुर
- मैं फर्द की नकल लेने यहां आया था। मगर पटरवारियों की हड़ताल होने के कारण मुझे नकल नहीं मिली। इस हड़ताल के कारण आमजन को काफी परेशानी हो रही है। खासकर किसान व गरीब लोगों के काम रुक गए हैं।
- मनोहर, निवासी, धान्सू

- मुझे ऋण लेना है। इसके लिए पटरवारी के हस्ताक्षर की जरूरत है। यहां आकर पता चला कि पटवारी हड़ताल पर गए हुए हैं। अब इनकी हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा। -
बंसीलाल, निवासी, हिसार

- मुझे केसीसी करवानी है और इसके लिए पटवारी के हस्ताक्षर की जरूरत है। अब पता नहीं, कब तक यह हड़ताल चलेगी। सरकार व कर्मचारियों को आमजन के बारे में भी सोचना चाहिए। - महेंद्र जांगड़ा, निवासी, धान्सू
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें