भिवानी। नगर परिषद के दो प्लॉट और एक दुकान की फर्जी तरीके से पीआईडी बना रजिस्ट्री बनवाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने तीनों रजिस्ट्री बरामद कर ली हैं। वहीं रसीद घोटाले में दो दिन के रिमांड पर लिये अकाउंटेंट संजय बंसल से गुम रसीद बुक भी बरामद हो गई है। इसमें करीब डेढ़ लाख का गबन सामने आया है। रसीद मामले में ही अग्रिम बेल याचिका लगाने वाले उप प्रधान मामनचंद की याचिका खारिज हो गई है।
नगर परिषद में पिछले डेढ़ महीने के दौरान फर्जी चेक घोटाला, रसीद घोटाला और जमीन घोटाला सामने आया। चेक घोटाले में पुलिस अब तक निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, तत्कालीन कार्यकारी अध्यक्ष संजय यादव, अकाउंटेंट सुरेश कुमार और संजय बंसल, बैंक मैनेजर नितेश के अलावा सात अन्य को गिरफ्तार कर चुकी है।
रसीद घोटाले में दोनों अकाउंटेंट के अलावा रजनीश सर्राफ, उसका एक दोस्त गिरफ्तार हो चुके है। इनसे नकदी भी बरामद हो चुकी है। मामले की जांच में जुटी आर्थिक अपराध शाखा टीम ने दो दिन के लिए अकाउंटेंट संजय गोयल को रिमांड पर लिया था। इससे वीरवार को गायब रसीद बुक बरामद की गई। रसीद बुक से करीब डेढ़ लाख के घोटाले का खुलासा हुआ। वीरवार को पुलिस ने करीब चार से पांच घंटे नगर परिषद में संजय गोयल को लेकर जांच-पड़ताल की और रिकॉर्ड खंगाला।
फर्जी पीआईडी बना रजिस्टरी करवाई
जमीन घोटाले की प्राथमिक जांच में ही पुलिस के हाथ तीन ऐसी रजिस्ट्री लगी है, जो फर्जी पीआईडी के सहारे बनवाई गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि ये तीन रजिस्ट्री एक दुकान और दो प्लॉट की है। जांच में जल्द ही और खुलासे होने की उम्मीद है। पुलिस ने सभी जमीन संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया है। वहीं निवर्तमान उप प्रधान मामनचंद की अग्रिम बेल याचिका पर वीरवार को सुनवाई हुई। पुलिस की ओर से भी रिकवरी संबंधित दलील दी गई। इसके बाद याचिका खारिज हो गई।
वर्जन
एक दुकान और दो प्लॉट की फर्जी पीआईडी बना रजिस्ट्रियां बनाने की बात सामने आई है। रजिस्ट्रियां मिल गई हैं। मामले की जांच की जा रही है। अकाउंटेंट संजय बंसल से दूसरी रसीद बुक बरामद हो गई है। जिसमें करीब डेढ़ लाख का घोटाला सामने आया है। अभी जांच की जा रही है।
- अजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक