सड़क की खोदाई करके सैंपल लेते हुए टीम।
- फोटो : Hisar
हांसी। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी नगर परिषद के विकास कार्यों की लगातार जांच हो रही है। भिवानी रोड पर 2 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों की जांच करने के लिए दो जगहों से टीम ने सैंपल भरे हैं। सैंपल को जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। अगर सैंपल फेल आते हैं तो नगर परिषद के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। क्योंकि पहले भी काली देवी रोड की एक सैंपल की प्राइवेट लैब द्वारा करवाई गई जांच में सैंपल फेल आए थे। हालांकि उसमें कार्रवाई अभी तक नहीं हुई।
भिवानी रोड पर सैंपल के दौरान शिकायतकर्ता व अधिकारियों में कई बार बहस भी हुई। शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद सीमांत चौधरी के साथ हांसी व्यापार मंडल के प्रधान प्रवीन तायल भी उपस्थित रहे।
सैंपल लेने के दौरान खोदाई में नीचे पत्थर कम निकला। पत्थर की भी जांच की मांग की गई। शिकायतकर्ता का कहना था कि नियमानुसार पूरा पत्थर इसमें नहीं डाला गया। जांच की गई तो ब्लॉक के नीचे चार इंच तक पत्थर मिला। जांच के दौरान डीएमसी प्रदीप हुड्डा, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता जयवीर सिंह डूडी, सुपरिंटेंडेंट धर्मपाल, परिषद के जेई जितेंद्र खांडा व राहुल भोरिया उपस्थित रहे।
बतां दें कि नगर परिषद द्वारा 2.80 करोड़ रुपये का टेंडर दिया था। इस लागत से भिवानी रोड पर वाइडनिंग व मॉडल टाउन के अंदर शॉपिंग कांप्लैक्स, पार्कों व अन्य कई जगहों पर वाइडनिंग के लिए ब्लॉक लगवाए गए थे। भिवानी रोड पर बरसाती नाला भी डाला गया था। सीमांत चौधरी द्वारा पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है।