हिसार। नियम 134ए दाखिले के लिए शिक्षा विभाग और निजी स्कूलों के बीच खींचतान जारी है। शिक्षा निदेशालय ने तीन सदस्यीय कमेटी गठन करने का फैसला लिया है, जोकि नियम 134ए दाखिले के अंतर्गत आय पर संदेह होने पर जांच करेगी। इस कमेटी में अतिरिक्त उपायुक्त को चेयरमैन व डीईओ और जिला राजस्व अधिकारी को सदस्य नियुक्त किया है।
कमेटी का कार्य होगा कि अगर किसी निजी स्कूल को नियम 134ए दाखिले के अंतर्गत अभिभावक की आय पर संदेह होगा तो वे संबंधित फाइल को तीन सदस्यीय कमेटी के पास भेजेंगे। अगर यह तीन सदस्यीय कमेटी की तरफ से मुहर लग जाती है तो नियम 134ए दाखिले के अंतर्गत विद्यार्थी का दाखिला संबंधित निजी स्कूल में करना अनिवार्य होगा। गौरतलब है कि नियम 134ए दाखिले के अंतर्गत निजी स्कूलों की मांग थी कि नियम 134ए दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों की आय प्रमाण पत्र की जांच होनी चाहिए। जिसको लेकर निजी स्कूल संघ ने आला अधिकारियों से मुलाकात की थी। जिस पर शिक्षा निदेशालय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है।
शिकायत मिलने पर बीईओ पहुंचे निजी स्कूल, अलॉट हुई सूची थमाई
बुधवार दोपहर कुछ अभिभावक हिसार प्रथम बीईओ ब्लॉक में पहुंचे। जिनकी शहर के एक निजी स्कूल के खिलाफ शिकायत थी कि वह अलॉट हुई सीटों पर दाखिला नहीं दे रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बीईओ निजी स्कूल पहुंचे। जिस पर निजी स्कूल प्रबंधकों ने अलॉट हुई सीटों की सूची थमा दी। इसके बाद बीईओ ने संबंधित निजी स्कूल को दाखिला करने की हिदायतें जारी की दी, लेकिन कम सीटों का हवाला देकर संबंधित निजी स्कूल संचालक ने दाखिला देने में असमर्थता जताई है।
जिले के 95 निजी स्कूलों को मिलेगी 10534600 भुगतान राशि
शिक्षा निदेशालय ने नियम 134ए दाखिले के अंतर्गत जिले के 95 निजी स्कूलों के लिए 10534600 भुगतान राशि पर मुहर लगा दी है। यह भुगतान राशि बीते साल के अंतर्गत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के आधार पर दी जाएगी। इस सूची में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले दूसरी से 8वीं कक्षा तक 714 विद्यार्थी और शहरी क्षेत्रों के 991 विद्यार्थी शामिल है।
दो स्कूल संचालकों के तेवर पड़े ढीले, एक अभी भी अड़ा
नियम 134ए दाखिले को लेकर हिसार प्रथम ब्लॉक के अंतर्गत तीन निजी स्कूलों ने दाखिला देने से इंकार कर दिया था। जैसे ही शिक्षा निदेशालय ने सख्ताई की तो दो निजी स्कूलों के तेवर ढीले पड़ रहे हैं। वीरवार को एक निजी स्कूल दाखिले करने पर सहमति जता दी है। जबकि दूसरे निजी स्कूल ने दाखिले को लेकर गाइडलाइन मांगी है कि किस आधार पर किन विद्यार्थियों का दाखिला देना है। जबकि सीटें कम उपलब्ध है। तो दूसरी ओर एक निजी स्कूल ने साफ इनकार कर दिया है। जिस पर बीईओ ने मान्यता रद की सिफारिश डीईओ को भेज दी है। जोकि मुख्यालय भेजी जाएगी।
हमें नियम 134ए दाखिला देने से कोई परहेज नहीं है। हम देने के लिए तैयार भी है। लेकिन लंबित भुगतान राशि विभाग को संबंधित स्कूलों को देनी चाहिए। अगर एक्सटेंशन मामला का निपटारा हो तो हमें दाखिला देने से कोई गुरेज नहीं। - डीएस राणा, जिला प्रधान, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंसिंग
अधिकांश निजी स्कूलों ने दाखिला देना शुरू कर दिया है। हालांकि कुछ निजी स्कूल मांगों को लेकर अड़े हैं। सरकार शर्तें मानती है तो संबंधित निजी स्कूलों से बातचीत कर समस्या का निदान निकाला जाएगा। - नरेंद्र सेठी, प्रदेशाध्यक्ष, सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ
एक निजी स्कूल अभी भी दाखिला देेने से इंकार कर रहा है। चेतावनी दी है। अगर उसके बावजूद भी दाखिला नहीं दिया तो मान्यता रद करने की सिफारिश डीईओ व मुख्यालय को भेज दी जाएगी। - प्रदीप नरवाल, बीईओ, हिसार प्रथम ब्लॉक