नारनौंद (हिसार)। गांव पेटवाड़ के चार युवकों को नौकरी दिलवाने के नाम पर 16 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने युवकों को समाज कल्याण विभाग में सुपरवाइजर के पद पर नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। तीन महीने तक युवकों से चंडीगढ़ की एक एनजीओ में ठेके पर काम कराया गया और घर भेज दिया गया। पीड़ितों की शिकायत पर नारनौंद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इनमें से एक रेलवे में जेई के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में मेरठ, उत्तरप्रदेश में तैनात है।
पेटवाड़ निवासी कर्मबीर, सत्यवान, कुलदीप व रमेश ने जींद के कृष्णा कॉलोनी निवासी विपिन और हिसार के खेड़ी जालब निवासी नसीब के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कर्मबीर ने शिकायत में बताया कि करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात नसीब से हुई थी। इस दौरान उसके साथ विपिन भी था। विपिन रेलवे में जेई के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में मेरठ में तैनात है। कर्मबीर ने बताया कि नसीब ने उसके बेटे बीरू को डेढ़ लाख रुपये में डीसी रेट पर नौकरी दिलवाने की बात कही। कर्मबीर ने बताया कि नसीब ने उसके बेटे को कुछ महीनों के लिए किसी ठेकेदार के यहां लगवा दिया और उन्हें लगा कि डीसी रेट पर बीरू को नौकरी मिली है।
इसके कुछ माह बाद नसीब ने उनके बेटे व अन्य युवकों को समाज कल्याण विभाग में चार युवकों की सुपरवाइजर की नौकरी दिलवाने की बात कही। इसके एवज में उसने 16.50 लाख रुपये की मांग की। इस पर कर्मबीर ने सत्यवान, कुलदीप और रमेश से नौकरी लगवाने की बात कही और चार युवकों की नौकरी के बदले 16 लाख 50 हजार रुपये दे दिए। पैसे देने पर नसीब ने बीरू समेत अन्य युवकों से कुछ समय चंडीगढ़ में किसी एनजीओ में काम कराया और बिना वेतन दिए घर भेज दिया। इसके बाद उससे संपर्क किया गया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। कर्मबीर के अनुसार आरोपी उनके पैसे लेकर फरार हो गए हैं और नौकरी दिलवाने के नाम पर उन्हें ठगा गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।