हिसार। मस्तिष्क से जुड़ीं जटिल बीमारियों और सिर की गंभीर चोटों से उबरने की दिशा में शोध का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के विद्यार्थी और शोधार्थी हेड इंजरी, ब्रेन हेल्थ और न्यूरो-रीहैबिलिटेशन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नई खोजों और नवाचारों पर काम करेंगे। इस दिशा में जीजेयू और इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन, नई दिल्ली (आईएचआईएफ) ने एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस जुगलबंदी से चिकित्सा विज्ञान, फिजियोथेरेपी, एलाइड हेल्थ साइंसेज और पैरामेडिकल क्षेत्रों में अनुसंधान व प्रशिक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। जीजेयू की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई व इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चित्रा ने बुधवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कुलपति ने कहा कि यह एमओयू चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शोधार्थियों व शिक्षकों के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। इस एमओयू के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को नई गति मिलेगी।
डॉ. चित्रा ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों और शोधार्थियों को न्यूरो-रीहैबिलिटेशन एवं मस्तिष्क स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का अवसर प्रदान करेगी। दोनों संस्थानों का यह सहयोग समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग की मजबूत नींव रखेगा। इसके माध्यम से संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं अनुसंधान गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओम प्रकाश सांगवान ने बताया कि इस एमओयू के तीन प्रमुख उद्देश्य निर्धारित किए गए हैं।
पहला शैक्षणिक सहयोग जिसके अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त पाठ्यक्रम विकसित करेंगे व विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। दूसरा विद्यार्थियों को रोगी-अनुभव उपलब्ध कराना ताकि वह इंडियन हेड इंजरी फाउंडेशन के पुनर्वास केंद्रों में वास्तविक नैदानिक परिवेश में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।
तीसरा परियोजना कार्य एवं संयुक्त शोध को बढ़ावा देना है जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों व शोधार्थियों को सिर की चोट (हेड इंजरी), मस्तिष्क स्वास्थ्य (ब्रेन हेल्थ) और पुनर्वास (रीहैबिलिटेशन) को लेकर दक्षता प्रदान करना है।
इस अवसर पर चिकित्सा विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुनील शर्मा, सह-अंतर्राष्ट्रीय मामलों की अधिष्ठाता डॉ. प्रियंका, विभागाध्यक्ष प्रो. जसप्रीत कौर, डॉ. राम निवास आदि उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा एमओयू :
कुलपति के तकनीकी सलाहकार और अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के अधिष्ठाता प्रो. विनोद छोकर ने कहा कि वर्तमान समय में बहुविषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) सहयोग की अत्यंत आवश्यकता है। यह एमओयू शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और समाजोपयोगी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर सृजित करेगा।