घटना के विरोध में किराना की दुकानों से लेकर पेट्रोल पंप तक बंद रहे। प्रमुख बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखी गईं, वहीं वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा। लघु सचिवालय में बैठे टाइपिस्ट ने भी बंद का समर्थन किया। बंद के दौरान 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। कर्मचारी नेताओं ने बंद को समर्थन दिया। बड़सी गेट पर व्यापारियों ने दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद बाजारों में घूमते हुए नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे। व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि प्रदेश में भी बेखौफ हो चुके बदमाशों पर यूपी की योगी सरकार की तरह कार्रवाई होनी चाहिए। सरेआम हत्या करने वालों का एनकाउंटर किया जाना चाहिए।
जांच के लिए एसपी एसटीएफ नरेंद्र बिजारणिया हांसी पहुंचे व सीआईए वन थाना में मुख्य साजिशकर्ता विकास नेहरा से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि विकास ने रविंद्र सैनी की हत्या का जिम्मा अपने एक खास गुर्गे को दिया था। उसने ही तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस टीमों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी।