बास/हिसार। जिले में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं। अभी फिलहाल केस दर्ज सक्रिय हैं। मंगलवार को राजकीय उच्च विद्यालय रामपुरा की दसवीं कक्षा की छात्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली हैं। अनीपुरा निवासी 14 वर्षीय छात्रा ने खांसी-जुकाम की शिकायत पर खुद सोरखी सीएचसी में जाकर रेपिड एंटीजन टेस्ट कराया था। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्रा का सैंपल ओमिक्रॉन की जांच के लिए भेजा है। इसके अलावा स्कूल के 67 विद्यार्थियों के सैंपल लिए गए हैं। वहीं, दिनभर सोशल मीडिया पर जिले में ओमिक्रान का केस मिलने की खबर वायरल रही। जिसे विभाग के अधिकारियों ने अफवाह बताया। छात्रा और उसके परिवार की कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना अलग-अलग स्कूलों में विद्यार्थियों की सैंपलिंग कर रही हैं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को रामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में 67 विद्यार्थियों के सैंपल लिए। जिसमें दसवीं की छात्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। छात्रा को होम आइसोलेट किया गया है। वहीं, इसी स्कूल में पढ़ रही छात्रा की बहन की रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्कूल प्रशासन ने दसवीं कक्षा के कक्ष को खाली कराकर सैनिटाइज करा दिया है। दो दिन तक क्लास रूप को बंद रखा जाएगा। बुधवार को परिवार के अन्य लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
वायरल हो रही खबर पूरी तरह से गलत है। हिसार या हांसी में अभी तक ओमिक्रॉन का कोई केस नहीं है। - डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल हिसार
3.5 लाख लोगों को भेजा वैक्सीनेशन के लिए संदेश
स्वास्थ्य विभाग ने साढ़े तीन लाख लोगों के पास दूसरी डोज का संदेश भेजा है। स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद 22 दिसंबर से 28 दिसंबर तक एक लाख 11 हजार 714 लोग टीकाकरण के लिए आगे आए। मंगलवार को 36182 लोगों का टीकाकरण हुआ। विभाग ने कहा कि गर्भवती महिलाएं भी टीकाकरण करवा सकती हैं।
तीसरी लहर से निपटने के लिए रहें तैयार
हिसार। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ओमिक्रॉन वैरिएंट और कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के दृष्टिगत विदेशों से आने वाले नागरिकों पर निगरानी रखने के लिए निर्देश दिए हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को भांपते हुए सभी वैक्सीन की डोज लगवाएं। घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और सामाजिक दूरी रखें।
बिना वैक्सीनेशन वाले नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसलिए ऐसे व्यक्ति जिन्होंने वैक्सीनेशन की दूसरी डोज नहीं ली है, उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करें। छोटे बच्चों को संक्रमण के प्रभाव से बचाव के लिए शीघ्र वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।