राजगुरु मार्केट के व्यापारी सोमवार को टू व्हीलर की फ्री पार्किंग की मांग को लेकर सीटीएम से मिलने के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंचे। सीटीएम एवं ज्वाइंट कमिश्नर को मैसेज देने के बाद भी एक घंटे तक अधिकारी बातचीत करने नहीं आए। नाराज व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय में रोष जताया और बिना मिले ही वापस लौट आए।
व्यापारियों ने कहा कि खुद प्रशासन की तरफ से उन्हें मिलने के लिए निमंत्रण मिला था। मगर व्यापारियों से सीटीएम मिलने के लिए नहीं पहुंचे। सचिव राजेश महता के माध्यम से उन्हें मैसेज भी भेजा गया लेकिन मैसेज के बावजूद उन्होंने शाम तक टाइम नहीं निकाला। हालांकि वापस लौटने के बाद नगर निगम सचिव को एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र बजाज के पास फोन भी आया। उन्होंने कहा कि वे खुद बाजार में व्यापारियों से मिलने के लिए आ जाते हैं। इस पर व्यापारियों ने मिलने से इनकार कर दिया और कहा कि वे सचिव से नहीं निगम ज्वाइंट कमिश्नर एवं सीटीएम से मीटिंग करना चाहते हैं। इस पर सचिव ने मंगलवार को बाजार में ही व्यापारियों से मिलवाने की बात कही।
नहीं लगाए बोर्ड, मर्जी से कितने भी ले सकते हैं ठेकेदार
निगम ने बाजार में कहीं भी पार्किंग फीस संबंधित बोर्ड नहीं लगवाए। जिसके चलते ठेकेदार के कारिंदे अवैध वसूली कर रहे थे क्योंकि बाजार में आने वाले ग्राहकों को जानकारी नहीं थी कि पार्किंग फीस टू व्हीलर की पांच रुपये है और कार की 10 रुपये फीस है। इसी का फायदा उठाकर निगम ठेेकेदार अवैध वसूली कर रहा था।
ये रखनी थी मांग
व्यापारियों ने कहा कि उनकी पहली मांग टू व्हीलर पार्किंग फ्री करने की मांग है। इसके अलावा ड्रेस कोड, पीली पट्टी लगाना, पर्चियों पर फर्म का नाम व पार्किंग फीस अंकित करवाना सहित ठीक व्यवस्था बनाने की मांग है। उन्होंने कहा कि मगर अधिकारी मिलना ही नहीं चाहते अब वे प्रशासन से मिलने के लिए नहीं जाएंगे।
हम सीटीएम साहब से मिलने के लिए गए थे मगर उन्होंने व्यापारियों की कोई अहमियत ही नहीं समझी। अगर प्रशासन ऐसा करेगा तो व्यापारी भी उनसे मिलने अब रोज रोज नहीं जाएगा। प्रशासन को सुध लेनी चाहिए कि जहां जरूरत है वहां चेकिंग करें न कि गुरुद्वारा रोड पर पहुंचकर छापामारी करे।
- अक्षय मलिक, प्रधान राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन
हम पार्किंग व्यवस्था को ठीक करने के बारे में प्रशासन के दिए गए समय अनुसार ही सीटीएम साहब से मिलने गए थे। सीटीएम साहब के रूम में बैठकर हम इंतजार करते रहे मगर अधिकारी नहीं पहुंचे। प्रशासन मिलना चाहता है तो हमने मंगलवार को बाजार में आकर मिलने बारे बोल दिया है अब हम उनसे मिलने हम नहीं जाएंगे। इस तरह के रवैया से व्यापारियों का प्रशासन के प्रति रोष है।
- राजेंद्र चुटानी, प्रधान न्यू राजगुरु मार्केट