भिवानी में महंत बैजनाथ महाराज का स्वागत करते अशोक बुवानीवाला।
भिवानी। यज्ञ सनातन धर्म के आरंभ से ही हमारे ऋषि-मुनियों की ओर से की जाने वाली प्राचीन पद्धति है, जिससे वातावरण में सुगंध एवं खुशहाली बढ़ती है। यह बात शनिवार को आदर्श महिला महाविद्यालय में नव मंदिर में स्थापित राधा-कृष्ण की मूर्ति के प्राण-प्रतिष्ठा पर जोगीवाला मंदिर के महंत बैजनाथ महाराज ने कही।
महंत ने कि यज्ञ का अभिप्राय त्याग, समर्पण व शुभ कर्म से है। अयोध्या में जिस प्रकार भगवान राम की मूर्ति स्थापित हुई है, वैसा ही माहौल आज महाविद्यालय में प्रतीत हो रहा है। उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा के महत्व को समझाते हुए भगवान राधा कृष्ण की मूर्ति के पुराने संदर्भों का विवेचन किया। धर्म ग्रंथों के अनुसार यज्ञ को बहुत ही पवित्र अनुष्ठान माना गया है।
दादू पंथ के महंत दौलत दास महाराज वृंदावन से पधारे महंत हनुमान दास महाराज ने भी भगवान राधा कृष्ण के चरित्र के बारे में वर्णन किया। महंत बैजनाथ ने यह भी कहा कि यज्ञ द्वारा सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने और उस स्थान को शुद्ध करने के लिए मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठान का समस्त कार्य स्वर्गीय भगीरथमल बुवानीवाला धर्मपत्नी शकुंतला देवी की देख-रेख में हुआ।
प्रियांस गुप्ता एवं कोणार्क बुवानीवाला ने यज्ञ में पूर्णाहुति दी। महाविद्यालय में नव-निर्मित मंदिर में भगवान राधा-कृष्ण की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा का पांच दिवसीय अनुष्ठान हुआ। इसी कड़ी में कलश के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। भगवान श्री राधा कृष्ण की परिक्रमा के दौरान राधा कृष्ण के नाम के जयकारों ने परिसर का माहौल राधामय बना दिया। भजन संध्या में दिल्ली विश्वविद्यालय से डाॅ. नीलम शर्मा ने कृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन संध्या में महाविद्यालय से प्रवक्ता डाॅ. रचना कौशिक व प्रियंका ने भी अपनी प्रस्तुति दी। महाविद्यालय प्रबंधक समिति अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में मंदिर निर्माण का कार्य स्वर्गीय दर्शना गुप्ता की प्रबल इच्छा थी। जिसे आज साकार होता देख उन्हें अत्यंत खुशी हो रही है।