करीब 40 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन बाईपास एनएच 9 (कैंट) से एनएच 52 (मुकलान) तक बनाया जाना प्रस्तावित है, जो आधा दर्जन से ज्यादा गांवों से होकर गुजरना है।
इस प्रोजेक्ट को लेकर बीएंडआर ने भी एस्टीमेट तैयार किया था। तत्कालीन सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता की मांग पर यह एस्टीमेट बनाया गया था। उस एस्टीमेट के अनुसार इस प्रोजेक्ट पर करीब 578 करोड़ रुपये का खर्च आना था। इसके लिए 346 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित था। मगर उस समय भी यह प्रोजेक्ट एस्टीमेट से आगे नहीं बढ़ सका था।
फिलहाल एनएच 9 से एनएच 52 पर जाने वाले वाहन शहर से गुजर रहे साउथ बाईपास व आजाद नगर एरिया से होकर गुजर रहे हैं। इस कारण से दिनभर इस रोड पर वाहनों का आवागमन लगा रहता है। इससे न सिर्फ शहर में जाम लगता है, बल्कि भारी वाहनों के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें कुछ लोग अपनी जान तक गवां बैठे हैं। मगर बाईपास बनने के बाद इन वाहनों को शहर में एंट्री करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
वर्तमान में बरवाला रोड सिरसा रोड से, सिरसा रोड राजगढ़ रोड से बाईपास के माध्यम से जुड़े हैं, जबकि दिल्ली रोड को बरवाला रोड से जोड़ने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। अगर राजगढ़ रोड को दिल्ली रोड से जोड़ दिया जाता है तो शहर का रिंग रोड पूरा तैयार हो जाएगा।