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हिसार जेल: आरजे बन कैदियों ने बनाया संगीतमय माहौल, आरती-भजन से होती है दिन की शुरुआत

Sat, 16 Sep 2023 12:34 PM IST
नवीन दलाल दीपिका लोहचब, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार जेल परिसर के अंदर एफएम की सेवा कोरोना काल के समय शुरू की गई थी। वहीं, जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि जेल के अंदर और बैरक में स्पीकर लगाए गए हैं। अगर कोई सूचना देनी होती है वो भी एफएम के माध्यम से दी जाती है। 
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हिसार केंद्रीय कारागार-एक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिसार केंद्रीय कारागार-एक में बंद कैदियों का मनोरंजन उनके साथी कैदी आरजे बनकर कर रहे हैं। जेल वार्डन के जरिये कैदी अपने फरमाइशी गानों की सूची आरजे तक पहुंचाते हैं और सुनते हैं। हर सुबह 6 बजे से आठ बजे तक आरती-भजन कार्यक्रम चलते हैं, ताकि उनका मन शांत रहे और माहौल संगीतमय रहे। इसके बाद सुबह आठ बजे से 11 बजे तक तीन आरजे कैदी सकारात्मक विचाराें के साथ दिन की शुरुआत करते हैं और मनोरंजन करते हैं।

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सकारात्मक विचारों से अपराधियों को मुख्य धारा में लाना मकसद
जेल परिसर के अंदर एफएम की सेवा कोरोना काल के समय शुरू की गई थी। एफएम पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए तीन बंदियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई थी। अब ये तीनो आरजे समय-समय पर अपनी प्रस्तुति देते हैं। जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि जेल के अंदर और बैरक में स्पीकर लगाए गए हैं। अगर कोई सूचना देनी होती है वो भी एफएम के माध्यम से दी जाती है। उन्होंने बताया कि धार्मिक संगीतमय कार्यक्रम का मकसद अपराधियों को मुख्य धारा में लाना है।

पर्व पर होते हैं कार्यक्रम
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी और 15 अगस्त पर जेल परिसर के अंदर कार्यक्रम होते हैं। इसके अलावा तीज त्योहार पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में बंदी अपनी प्रस्तुति देते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से जेल में बंद कैदियों का मनोरंजन होता है। कार्यक्रम के उपरांत जेल परिसर में मिठाई बांटी जाती है।
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जेल में बंदियों के लिए आई लॉन्ड्री मशीन
जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि महानिदेशक कारागार की तरफ से जेल में बंद कैदियों के लिए लॉन्ड्री मशीन आई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले कैदी हाथों से कपड़े धोते थे। इससे उनको काफी समय बर्बाद होता था। मगर, अब कैदियों की सुविधा को देखते हुए मशीन मंगवाई गई है। मशीन में कपड़े धोने के बाद ड्राई भी किए जा सकेंगे। खासकर बुजुर्ग कैदियों को कपड़े धोने में काफी परेशानी होती थी।

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