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पोस्ट कोविड : याददाश्त कमजोर, सांस उखड़ने और शुगर बढ़ने की आ रही समस्या

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पोस्ट कोविड उमंग ओपीडी में मरीज की जांच करतीं मनोचिकित्सक डॉ. पूनम दहिया। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर खत्म हो चुकी है। वहीं, पोस्ट कोविड मरीजों की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। संक्रमण से ठीक हो चुके मरीज अब याददाश्त कमजोर, सांस उखड़ने और शुगर बढ़ने से परेशान हैं। यह सिलसिला दूसरी लहर में अधिक शुरू हुआ है। वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार यह शिकायत उन मरीजों में ज्यादा आ रही है, जो कोरोना संक्रमित होने पर गंभीर हुए और जिनका उपचार लंबा चला।
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नागरिक अस्पताल में फिजिशियन के पास आने वाले 15 फीसदी मरीजों में ऐसी शिकायतें मिलती हैं। संक्रमण से ठीक हो चुके 80 मरीजों का अब शुगर का इलाज चल रहा है। वहीं पोस्ट कोविड के करीब 25 मरीजों में सांस की तकलीफ ठीक होने को है, जो कोरोना के समय ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे थे।
यह मिल रहीं अधिक शिकायत
- पढ़ते समय कई देर तक दिमाग का एक जगह फोकस नहीं रहता, क्योंकि ध्यान नहीं लगा पाते।
- लोगों को लगता है पहले की अपेक्षा उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है।
- सीढ़ियां चढ़ते ही चक्कर आने लगता है और सांस फूलने लगता है।
मानसिक रोगियों में आई कमी
पोस्ट कोविड उमंग ओपीडी में मनोचिकित्सक के पास इक्का-दुक्का मरीज ही आ रहे हैं। पहले के मुकाबले कमी आई हैं। ऐसे मरीज उस दिनों अधिक आ रहे थे, जब दूसरी लहर खत्म होने को थी। वरना पहले मरीजों में मानसिक परेशानी, घबराहट, भय एवं नींद न आने जैसी परेशानी बढ़ गई थी।
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पोस्ट कोविड के बाद मरीजों में पढ़ते समय दिमाग का एक जगह फोकस न रहने और सीढ़ियां चढ़ते समय सांस की शिकायत आ रही है। मरीजों को लगता है कि पहले की अपेक्षा याददाश्त कमजोर हो गई है। 10 से 15 फीसदी मरीजों में ऐसी शिकायतें मिलती है। 3 से 4 महीने तक समय पर इलाज लेने से यह शिकायत दूर हो जाती है। - डॉ. अजय चुघ, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल, हिसार
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