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हिसार मंडल: 25 और गांव के युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाएगी पुलिस, लोगों को किया जाएगा जागरूक

Wed, 01 Jun 2022 02:42 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार में रेंज स्तर पर 25 नए गांव समेत 50 गांवों में आईजी का अभियान चलेगा। नशे पर बनी शॉर्ट फिल्म दिखाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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अब पुलिस ने युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाने का जिम्मा ले लिया है। हिसार रेंज स्तर पर आईजी ने 25 और गांव के युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए अभियान की शुरुआत कर दी है। इससे पहले 25 गांव में लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान नशे के दलदल में फंसे युवाओं को नशे पर बनी शॉर्ट फिल्म दिखाकर प्रेरित किया जाएगा। 

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शहर की नहीं गांवों में भी चिट्टा खुलेआम बिक रहा है। दिल्ली के बराबर की कीमत का नशा पीरांवाली गांव में मिलता है। इस गांव में नशा बेचने वालों ने आसपास के गांवों के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है। युवाओं को ऐसी लत लगा दी है कि वे चाह कर भी नशा छोड़ नहीं पा रहे हैं।

चिट्टा का नशा करने वाले युवाओं को अगर नशा न मिले तो जान तक देने को तैयार हैं। यह बात एक युवा ने नाम न छापने की शर्त पर बताई। दूसरी तरफ नशे पर अंकुश लगाने के लिए आईजी राकेश कुमार आर्य ने 25 और गांव गोद लिए हैं। अब 50 गांवों में अभियान चलाया जाएगा।  
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नशा छोड़ा तो पांच दिन तपड़ता रहा, परिजनों ने बढ़ाई हिम्मत 
जिले के एक गांव में रहने वाले युवक ने बताया कि 2 साल नशे की गिरफ्त में रहा। 20 दिन पहले ही नशा छोड़ा है। एक दोस्त ने करीब दो साल पहले चिट्टा लेना सिखाया था। गांव पीरांवाली में खुलेआम चिट्टा बिकता है और वो भी दिल्ली के बराबर। काफी तादात में युवा यहां से चिट्टा खरीदते हैं।

एक बार लत लग जाने के बाद हर रोज इंजेक्शन लगाना पड़ता है। इंजेक्शन न लगाए तो शरीर में दर्द होना शुरू हो जाता है। जब नशा छोड़ा तो पांच दिन तक तड़पता रहा। नशे की तड़प से कई बार दिल्ली में आत्महत्या करने का ख्याल आया, लेकिन परिजनों ने समझाया तो हिम्मत आई। युवक ने बताया कि पीरांवाली गांव से ही आसपास के गांव के युवा चिट्टा खरीद कर लाते हैं और अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। 

पुलिस रात को भी करेगी गश्त, काउंसिलिंग करवाई जा रही  
आईजी राकेश कुमार आर्य ने मंडल स्तर पर पहले 25 गांवों को गोद लिया था। अब 25 और गांव गोद लिए हैं। जहां के युवा नशे की लत में पड़े हैं। यहां पर जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। नशे पर अंकुश लगाने के लिए दिन के अलावा पुलिस रात को भी गश्त कर रही है।

नशा बेचने वालों को पकड़ा जा रहा है, लेकिन उसके बावजूद नशा धड़ल्ले से बिक रहा है। आईजी के प्रवक्ता सज्जन कुमार ने बताया कि 50 गांवों में जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। अब रात के समय लोगों को नशे पर बनी एक शॉर्ट फिल्म दिखाई जाएगी। उसके जरिये दिखाया जाएगा कि नशा करने वाला इस प्रकार अपनी जिंदगी को खत्म करता है। इसके जाने के बाद परिवार का क्या हाल होता है। जो युवा नशा कर रहे हैं उनकी पहचान कर काउंसिलिंग करवाई जा रही है। 

ये गांव लिए गए गोद 

  • हिसार : सदलपुर, सीसवाल, पीरांवाली, रावतखेड़ा, बधावड़, बुढ़ाखेड़ा, लाड़वी, असरावां, बरवाला वार्ड 14 और कौशिक नगर
  • हांसी : राजथल, सिसाय, सुलचानी, डाटा, बास, मसूदपुर, सोरखी, भाटौल रागड़ान, लोहारी राघो, मोठ करनैल 
  • जींद : आफताबगढ़, वाल्मीकि बस्ती जींद, रसींदा, डूमरखां, चमेला कॉलोनी, नरवाना, खरल, पीपलथा, पदार्थ खेड़ा, बुढ़ा बाबा बस्ती जींद, रोहड़
  • फतेहाबाद : हिजरांवा कलां, रत्ताखेड़ा, अयाल्की, रत्नगढ़, महमड़ा, ब्राहमणवाला, लाली, भरपूर, नकटा, चुहड़पुर
  • सिरसा : खैरेकां, गुडियां खेड़ा, मल्लेका, ख्योंवाली, जांडवाला, गंगा, देसुजोधा, चौटाला, भावदीन, डिंगमंडी


मंडल स्तर पर 750 की हो चुकी पहचान 
मंडल स्तर पर पुलिस ने अपने जागरूकता अभियान के दौरान अभी तक 750 ऐसे लोगों की पहचान की है तो नशे के आदी हैं। इन चिह्नित लोगों की काउंसिलिंग शुरू कर दवा देनी शुरू कर दी है। 

मरीजों के आंकड़े पर एक नजर 

  • हिसार में अभी तक 207 लोगों को चिह्नित किया गया हैं, 94 दवा ले रहे हैं।  
  • सिरसा में 200 लोगों को नशा करने पर चिह्नित किया, 155 अब दवा ले रहे हैं।  
  • फतेहाबाद में 150 लोगों को चिह्नित कर 70 को दवा दी जा रही है।  
  • जींद में 93 चिह्नित लोगों में से 40 दवा लेकर नशा छोड़ने की राह पर हैं।  
  • हांसी में 100 चिह्नित लोगों में से 30 ही नशा छोड़ने के लिए दवा ले रहे हैं। 
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