हिसार। गिफ्ट वाउचर के जरिये 45 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने नूंह के पिनगवा थाने के गांव पापड़ा निवासी मुस्ताक को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुस्ताक को पुलिस ने रविवार को अदालत में पेश कर 8 सितंबर तक रिमांड पर लिया है।
आरोपी से पुलिस ने उसका मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि लोगों से धोखाधड़ी की रकम आरोपी मुस्ताक के खाते में ट्रांसफर करवाई जाती थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह करीब आठ महीने से ही इस गिरोह के साथ जुड़ा था। उससे पहले वह बोरवेल बोरिंग का काम करता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के भी नाम लिए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि मुस्ताक अनपढ़ है।
यह था मामला
उल्लेखनीय है कि 22 मई को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मिर्जापुर रोड पर स्थित गीता कॉलोनी निवासी सतीश की शिकायत पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। शिकायत में सतीश ने बताया था कि उसने हिसार में डीटीडीसी कोरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी ली हुई है। सतीश ने बताया था कि 25 अप्रैल की रात करीब साढ़े 9 बजे उसके मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले शख्स ने अपना नाम मोनू बताया। सतीश ने बताया था कि मोनू नाम का उसका रिश्तेदार भी है, जो दिल्ली पुलिस में है। फोन करने वाले शख्स ने अन्य रिश्तेदारों के बारे में बात की तो वह भ्रमित हो गया। उसके बाद फोन करने वाले शख्स ने उसे कहा कि उसके गिफ्ट वाउचर के जरिये रुपये आने हैं, लेकिन वह पुलिस कर्मचारी होने के नाते अपने बैंक खाते में यह राशि नहीं ले सकता, जिस पर सतीश ने उसे अपने फोनपे में गिफ्ट वाउचर के जरिये राशि जमा कराने की इजाजत दे दी। सतीश ने बताया था कि इसके बाद फोन करने वाले शख्स ने उसे पांच रुपये का गिफ्ट वाउचर भेजा। जिसके एवज में उसके खाते में फोनपे एप के माध्यम से 10 रुपये जमा हो गए। सतीश ने बताया था कि उसके बाद फोन करने वाले शख्स ने उसके पास 25 हजार रुपये का गिफ्ट वाउचर भेजा। फिर उसने सतीश को कहा कि आप इस गिफ्ट वाउचर को स्वीकार कर लो और अपना यूपीआई पिन डाल दो। सतीश ने बताया था कि उसने फोनपे एप पर अपना स्क्रीन का यूपीआई पिन डाल दिया। फिर उसके खाते में से 25 हजार रुपये निकल गए। वापस रुपये भेजने की बात कहकर दो बार और गिफ्ट वाउचर भेजे और उसके खाते में से 35 हजार रुपये निकाल लिए। 10 हजार रुपये उसकी पत्नी के खाते से निकाले। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।