ऐसा अकसर होता है कि अगर किसी चीज को हर रोज कम-ज्यादा किया जाए, तो लोग धीरे-धीरे उस पर गौर करना बंद कर देते हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने के मामले में केंद्र सरकार ने यही रणनीति अपनाई और लगता है कि उसकी यह तरकीब सचमुच कामयाब रही है। रोजाना तय होने वाली पेट्रोल-डीजल की कीमतों से पिछले छह महीने में पेट्रोल का रेट 17 रुपये 41 पैसे बढ़ा है और डीजल का रेट 15 रुपये 70 पैसे बढ़ा है। आम आदमी के फायदे के लिए शुरू किया गया डायनोमिक प्रोसेसिंग सिस्टम इनकी जेब पर भार बढ़ाने लगा है।
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पहले 15 दिन में एक बार बदलते थे दाम
डायनोमिक सिस्टम लागू करने से पहले हर 15 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव किया जाता था, लेकिन जून 2017 के बाद नियमों में बदलाव कर दिया गया है। अब आम नागरिक को इंतजार है कि कब पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होने का दौर शुरू होगा।
जब से रोजाना के हिसाब से पेट्रोल-डीजल की कीमत संशोधित की जा रही है, महंगाई हर दिन बढ़ती गई है। महंगाई से लोगों की कमर टूट रही है, परेशान लोग सरकार से पूछ रहे हैं कि आखिर इस महंगाई से राहत कब मिलेगी।
-रविंद्र रोहिल, भिवानी रोहिल्ला
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