हांसी। रक्षाबंधन पर बसों में मुफ्त सफर की चाह में भीषण गर्मी में महिलाओं व बच्चों को बुरा हाल रहा। बस स्टैंड पर जींद व भिवानी रूट पर भीड़ को देखते हुए बसों की ज्यादा कमी रही जिसके चलते यात्रियों को बस के लिए एक से दो घंटे इंतजार करना पड़ा। वहीं भीड़ को देखते हुए 11 रोडवेज बसें अतिरिक्त चलाई गईं। निजी बसों में महिलाओं व बच्चों से किराया लेने को लेकर भ्रामक स्थिति बनी रही। हालांकि निजी बसों में महिलाओं से किराया लिया गया।
परिवहन विभाग की तरफ से शुक्रवार दोपहर 12 बजे से बसों में महिलाओं व 15 वर्ष तक के बच्चों के मुफ्त सफर की घोषणा थी। दोपहर 12 बजे के बाद ही बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ने लगी। सबसे ज्यादा भीड़ हिसार, जींद, भिवानी, बरवाला, रोहतक, गुरुग्राम रूट पर रही। यात्रियों को बसों के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। महिलाएं सामान उठाए बसों की इंतजार इधर से उधर घूमती रहीं। इंतजार के बाद बस मिली तो बसों में चढ़ने को लेकर मारामारी रही। कई लोग तो खिड़कियों के जरिए बसों में चढ़ते हुए दिखे। वहीं यात्रियों की भीड़ को देखते हुए सब डिपो से 11 अतिरिक्त बसें चलाई गईं।
इसमें जींद व भिवानी रूट पर सबसे ज्यादा बसों को भेजा गया। इस रूट पर जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा रही। शाम पांच बजे के बाद बस स्टैंड पर भीड़ कुछ कम हुई। निजी बस संचालकों का कहना था उनके पास स्पष्ट संदेश नहीं है कि महिलाओं से किराया लिया जाना है या नहीं। ऐसे में अधिकांश निजी बसों में महिलाओं से किराया भी लिया गया।
3 बसें हैं खराब
सब डिपो में करीब 74 बसें हैं। इसमें एक एसी बस है। वहीं तीन बसें खराब हैं। ऐसे में 70 बसें ही सड़कों पर दौड़ीं। शनिवार को स्थिति संभालने के लिए छुट्टी गए 15 कर्मचारियों को बुलाया गया है।
मुफ्त सफर की घोषणा में जो यात्री किराया देना चाहते हैं उनका भी बुरा हाल हो रहा है। मुझे पानीपत जाना था, लेकिन डेढ़ घंटे तक बस का इंतजार किया। कोई बस नहीं मिली, जो बस मिली उसमें पांव रखने लायक जगह नहीं थी।- प्रदीप शर्मा, पानीपत
मुझे हिसार से नारनौंद जाना था लेकिन नारनौंद जाने के लिए ही बस नहीं मिली। बस स्टैंड पर काफी भीड़ है। लोग बसों पर लटक कर सफर कर रहे हैं। - मोनू शर्मा, नारनौंद
दोपहर को यात्रियों की संख्या बढ़ गई थी। इस दौरान जहां जरूरत पड़ी वहां रोडवेज बसों को भेजा गया। शाम को भीड़ कम हुई। शनिवार को स्थिति संभालने के लिए 15 अतिरिक्त कर्मचारी बुलाए हैं।- प्रेम सागर, डीआई, बस स्टैंड