हिसार में कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में सोमवार दोपहर को आर्य नगर और पातन गांव की पंचायत पहले डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के पास गई। वहां से उन्हें उपायुक्त के पास भेज दिया गया। वही उपायुक्त ने दोनों पंचायतों को नगर निगम में निगमायुक्त से मिलने को कह दिया। इसके बाद दोनों पंचायतें नगर निगम कार्यालय में पहुंचे।
हिसार में अब पातन के ग्रामीणों ने नगर निगम के पचरा प्रोसेसिंग प्लांट का विरोध कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह प्लांट आबादी एरिया से मात्र 600 मीटर की दूरी पर लगाया जा रहा है। मैं किसी हाल में यहां कचरा नहीं डालने देंगे। नगर निगम ने कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर टेंडर लगाया था। इसके तहत 4 लोगों ने अपनी जमीन देने के लिए निगम में आवेदन किया था। इसके बाद निगम ने पातन गांव के पास कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का फैसला किया था। इसे लेकर ठेकेदार को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया था।
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नगर निगम में आई दो गांवों की पंचायतें
कचरा प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में सोमवार दोपहर को आर्य नगर और पातन गांव की पंचायत पहले डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के पास गई। वहां से उन्हें उपायुक्त के पास भेज दिया गया। वही उपायुक्त ने दोनों पंचायतों को नगर निगम में निगमायुक्त से मिलने को कह दिया। इसके बाद दोनों पंचायतें नगर निगम कार्यालय में पहुंचे और यहां नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया से मिली। ग्रामीणों ने निगमायक्त से कहा कि जिस जगह नगर निगम कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगवा रहा है वह जगह आबादी से मात्र 600 मीटर की दूरी पर है। वह किसी हाल में यहां कचरा नहीं डालने देंगे।
ढंढूर व सातरोड के लोग भी कर चुके हैं विरोध
इससे पहले कचरा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर ढंढूर और सातरोड के लोग भी विरोध कर चुके हैं। प्लांट के विरोध में सातरोड के लोगों ने तो धरना तक लगा दिया था, जिसके बाद निगम प्रशासन को यहां प्लांट लगाने का अपना फैसला वापस लेना पड़ा था।