हिसार। नहराें में बाढ़ के पानी का असर घरों में आ रही पेयजल सप्लाई में देखने को मिल रहा है। सप्लाई में आ रहे पानी में मैलापन है और मिट्टी आ रही है। रोजाना जनस्वास्थ्य विभाग के पास 25 से ज्यादा शिकायतें पहुंच रही हैं। ऐसे में विभाग की ओर से पानी के मैलापन को दूर करने के लिए जलघर में ज्यादा फिटकरी डालनी शुरू कर दी है। पहले 9 एमएलडी प्लांट में 10 किलो फिटकरी डाली जा रही थी, अब 20 किलो डाल रहे हैं। जरूरत पड़ने पर फिटकरी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
महाबीर कॉलोनी स्थित जलघर में 9 एमएलडी का प्लांट बना हुआ है, यहां दो वाटर टैंक बने हैं। इन टैंक से पुराने शहर में पेयजल सप्लाई होती है। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार महाबीर कॉलोनी जलघर से रोजाना 90 लाख लीटर पानी की सप्लाई होती हैं। मगर कई एरिया में दूषित पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। हालांकि विभाग की ओर से पानी में मैलापन को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सप्लाई भी बाधित हो सकती है। मगर अभी विभाग की ओर से रोजाना सप्लाई देने की बात कही जा रही है।
वहीं, बरवाला ब्रांच से महाबीर कॉलोनी के जलघर में पानी आता है। महाबीर कॉलोनी जलघर से पुरानी सब्जी मंडी चौक, बड़वाली ढाणी, सैनियान मौहल्ला, राजीव नगर, विजय नगर, कुंजलाल गार्डन, महत्ता नगर, रेलवे रोड, डोगरान मोहल्ला, सिटी थाना रोड, महाबीर कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनी में पानी की सप्लाई होती है।
इन एरिया में आ रही पानी की शिकायत
शहर के संत नगर, औद्योगिक क्षेत्र, सूर्य नगर, शांति नगर, मॉडल टाउन एक्सटेंशन सहित अन्य कॉलोनियों में दूषित पेयजल की शिकायतें आ रही हैं। हालांकि विभाग की ओर से सोमवार को यहां सप्लाई चेक करवाई जाएगी, ताकि कोई और फाल्ट मिले तो उसे ठीक करवाया जा सके। मगर विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाढ़ के पानी से ही सप्लाई के पानी में मिट्टी आ रही हैं।
बाढ़ का पानी नहर में आने से पानी में मिट्टी आ रही है। पानी में मैलापन भी है। इसे दूर करने के लिए फिटकरी की मात्रा बढ़ाई गई है, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। इससे कोई नुकसान नहीं है। - कंवरपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
फिल्टर यूनिट में फिटकरी डालने के बाद साफ पानी।