12 क्वार्टर निवासी सात वर्षीय पार्थ की मौत मामले को लेकर नागोरी गेट पर धरने पर बैठे विभिन्न संगठनों के लोगों ने धरने को पहले दिन ही समाप्त कर दिया। धरने को समाप्त एसपी के आश्वासन पर किया गया है। यह धरना सुबह करीब 9 बजे से दोपहर करीब डेढ़ बजे तक दिया गया। इस दौरान पुलिस की दो कंपनी तैनात रहीं।
धरना स्थल पर डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक कुमार, डीएसपी जोगिंद्र शर्मा, डीएसपी अभिमन्यु लोहान मौजूद रहे। इसको लेकर बुधवार दोपहर को जीजेयू में डीसी डॉ. प्रियंका सोनी, एसपी बलवान सिंह राणा, सीएमओ व डीएसपी की मौजूदगी में मृतक पार्थ के परिजनों व शहर के विभिन्न संगठनों के लोगों ने बैठक की।
एसपी ने मृतक पार्थ के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी और आईएमए की कमेटी गठित की गई है। पार्थ के परिजनों ने प्रशासन से मांग की कि पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाए। साथ ही मेडिकल बोर्ड से भी मामले में जल्द जांच करवाई की जाए। वहीं पार्थ की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को गांव खरड़ अलीपुर में कैंडल मार्च निकाला गया।
आईएमए ने मांग की है कि मामले की फुटेज दिखाई जाए। मारपीट का जो आरोप डॉ. मान पर लगा है उसके बारे में सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ही कुछ पता चल सकेगा।
-डॉ. जेपीएस नलवा, प्रधान, आईएमए।
धरना स्थल पर पर्स चोरी का प्रयास
नागौरी गेट पर धरने के दौरान आरोपी ने एक महिला का पर्स चोरी करने और सेक्टर-14 निवासी अशोक कुमार की जेब काटने का प्रयास किया। आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया। पहले लोगों ने उसकी जमकर धुनाई की। उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रोहतक निवासी बंटी उर्फ अजय बताया। मामले में शहर थाना पुलिस ने अशोक कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया है।
डॉक्टर पहुंचा, लेकिन पार्थ के परिजन नहीं पहुंचे बैठक में
हिसार। पार्थ की मौत के मामले में जांच के लिए बनाए गए डॉक्टरों के सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की सुबह 11 बजे पीएमओ कार्यालय में बैठक होनी थी। उस बैठक में मृतक पार्थ के परिजनों को भी पहुंचाना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इस दौरान सीएमओ डॉ. रत्ना भारती, पीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता, एनेस्थीसिया स्पेशलिस्ट डॉ. नीलिमा मेहता, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुलशन मेहता, डॉ. राजेंद्र कुमार, आईएम प्रधान डॉ. जेपीएस नलवा और नीमा प्रधान डॉ. अशोक यादव मौजूद रहे। बैठक में पार्थ के ऑपरेशन के दौरान मौजूद मान अस्पताल से डॉ. गुरुप्रताप मान, डॉ. आदित्य और अंबाला से डॉ. अमित गुप्ता भी मौजूद रहे।
बोर्ड ने दोपहर करीब दो बजे तक पार्थ के परिजनों का इंतजार किया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। अलग-अलग जगह निवास होने की बात कहते हुए तीनों डॉक्टर मामले में अपने लिखित बयान कमेटी को दर्ज करवाकर चले गए, लेकिन डॉ. मान, डॉ. आदित्य और डॉ. अमित गुप्ता ने बोर्ड को सुरक्षा मुहैया करवाए जाने की मांग की है। साथ ही अगली बैठक में तभी मौजूद होने की बात कही, जब उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाएगी।
parth death case - protest stop after SP assurance- फोटो : Hisar