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सिटी बस विवाद सुलझाने को अब नगर निगम प्रशासन रोडवेज डीजी को लिखेगा पत्र

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सिटी बस विवाद सुलझाने को अब नगर निगम प्रशासन रोडवेज महानिदेशक को लिखेगा पत्र
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हिसार। सिटी बस विवाद सुलझाने को अब नगर निगम प्रशासन रोडवेज के महानिदेशक (डीजी) को पत्र लिखेगा ताकि शहर में सिटी बसों का सही ढंग से संचालन किया जा सके।
बता दें कि बस अड्डा प्रशासन ने सिटी बसों संचालकों को लोकल बस स्टैंड के बूथों पर ही सिटी बस खड़ी करने और वहीं से सवारी बैठाने का आदेश दिया है। सिटी बस संचालकों का कहना है कि यह जगह दूर होने के कारण सवारियां बसों तक नहीं आती हैं। चूंकि ऑटो चालक का स्टैंड ऐसी जगह पर बनाया हुआ है, जहां सवारियां आसानी से बैठती हैं। सिटी बस संचालकों की मांग है कि उन्हें ऑटो स्टैंड के आगे से ही सवारियां बैठाने की अनुमति दी जाए। पहले भी वह इसी जगह से सवारियां बैठाते थे।
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सिटी बस संचालकों ने की थी हड़ताल
इसी मांग को लेकर सिटी बस संचालकों ने जनवरी में कई दिनों तक हड़ताल भी की थी। इसके बाद रोडवेज प्रशासन ने सिटी बस संचालकों की मांगों को मानते हुए ऑटो स्टैंड के आगे से ही सवारियां बैठाने के आदेश दे दिए थे। मगर कुछ समय ही बाद ही उन्हें वहां बस खड़ी न करने का फरमान जारी कर दिया गया।
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सिटी बस संचालक रोडवेज को 30 हजार रुपये देते हैं फीस
सिटी बस संचालकों के अनुसार वह रोडवेज प्रशासन को करीब 30 हजार रुपये फीस के रूप में देते हैं। बावजूद इसके रोडवेज अधिकारी ऑटो चालकों की सुनते हैं। बस संचालकों ने बताया कि प्रदेश के किसी भी बस अड्डे में ऑटो चालकों की एंट्री नहीं होती। मगर हिसार में ऑटो चालक बस अड्डे में बेरोकटोक आ-जा रहे हैं।
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शहर में चल रहीं 9 सिटी बसें
वर्तमान में शहर में 9 सिटी बसें चल रही हैं, जिनमें दो सिटी बस आजाद नगर रूट, दो आधार अस्पताल, दो रायपुर, दो कैंट व एक सिटी बस कैमरी रूट पर चल रही हैं। इन बसों का किराया 5 व 10 रुपये हैं। उधर ऑटो का किराया 20 रुपये है।
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वर्जन
सिटी बस सेवा शहरवासियों के लिए काफी फायदेमंद है। मगर रोडवेज अधिकारी उन्हें बेवजह तंग कर रहे हैं। इसे लेकर रोडवेज के महानिदेशक को पत्र लिखा जाएगा।
अशोक गर्ग, निगमायुक्त
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