हिसार। मूर्ति प्रकरण को लेकर जैन समाज ने रविवार को नागोरी गेट के पास स्थित जैन मंदिर में बैठक की। बैठक में हांसी सीआईए-2 टीम द्वारा जिस मूर्ति को पिघलाकर बिस्किट बनवाने की बात कही गई है, उसकी सत्यता सामने लाने की मांग उठाई। इस दौरान फैसला लिया गया कि समाज का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एडीजीपी व डीसी से मिलेगा।
संगठन मूर्ति की वास्तविकता पर चर्चा कर इससे जुड़े सभी पहलुओं को सार्वजनिक करने और इस मामले के दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेगा। जैन समाज के प्रधान संजीव जैन ने बताया कि बैठक में मौजूद सदस्यों के बीच मूर्ति की सोशल मीडिया पर वायरल फोटो पर चर्चा हुई। मूर्ति को दिख स्पष्ट है कि यह जैन धर्म के तीर्थकर की मूर्ति है। परंतु मूर्ति के अग्रभाग पर एक चिह्न भी होता है, जिससे अलग-अलग तीर्थकर की पहचान होती है। इसलिए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एडीजीपी से मिलकर मूर्ति से संबंधित कोई अन्य फोटो, वीडियो उपलब्ध कराने और उसके जरिये जानकारी हासिल की जाएगी। बैठक में एडवोकेट सुभाष जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन, नमन जैन, नवीन जैन ने भी संबोधित किया।
स्पेशल जांच कमेटी की गठित
मूर्ति प्रकरण में एडीजीपी ने स्पेशल जांच टीम का गठन किया है। एडीजीपी के आदेशानुसार कमेटी प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। जांच फतेहाबाद के एसपी की निगरानी में होगी। वहीं टीम का हेड सिरसा के एसपी को बनाया गया है। टीम में सिरसा के एएसपी, हिसार के एक डीएसपी और दो इंस्पेक्टर को शामिल किया गया है। बता दें कि एडीजीपी ने प्राचीन मूर्ति हड़पने के सीआईए-2 हांसी के इंचार्ज सहित सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था।