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Hisar News: मूर्ति प्रकरण में स्पेशल जांच कमेटी गठित, फतेहाबाद के एसपी करेंगे निगरानी

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हिसार। हांसी मूर्ति प्रकरण में एडीजीपी ने स्पेशल जांच टीम गठित कर दी गई है। फतेहाबाद के एसपी की निगरानी में मामले की जांच होगी। जांच कमेटी प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।
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बता दें कि शुक्रवार को एडीजीपी हिसार श्रीकांत जाधव ने बड़ा खुलासा किया था। एडीजीपी ने यूपी के शाहजहांपुर जिले के निवासी युवक बबलू से बेशकीमती प्राचीन मूर्ति हड़पने के आरोपी सीआईए-2 हांसी के इंचार्ज सहित सभी पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए था। इस मामले में मूर्ति को पिघलाकर बिस्किट बनवाने के आरोपी हांसी सीआईए-2 के इंचार्ज सहित सभी 8 अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित भी गया है।
शिकायतकर्ता बबलू ने बताया था कि वह भिवानी जिले के सिकंदरपुर गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में काम करता था। दिसंबर, 2022 में अपने घर चला गया। गांव में वह अपने दोस्त बाबा रामदास निवासी शमशाबाद जिला फर्रुखाबाद से मिला, तो उसने बताया कि उसको कहीं काम करते हुए एक मूर्ति मिली है। जो देखने में किसी धातु की प्रतीत हो रही थी। मूर्ति की जांच करवाने के लिए उसने हिसार में ज्वेलर्स विवेक पाटिल से बात की तो उसने उसको हिसार में बुलाया और बताया कि यह मूर्ति 79 प्रतिशत सोने की है। इसके बाद वह हांसी चला गया गया, जहां पर बस स्टैंड से ज्वेलर्स ने उसका अपहरण कर लिया। हांसी-सीआईए-2 में ले गया जहां पर उसके साथ मारपीट की और मूर्ति छीन ली। बाद में खुलासा हुआ की मूर्ति पिघलाकर उसके बिस्किट बनवा लिए गए हैं। फिलहाल पुलिस की स्पेशल टीम इस मामले की जांच कर रही है।
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एडीजीपी और डीसी से आज मिलेगा जैन समाज का प्रतिनिधिमंडल

हांसी सीआईए-2 टीम द्वारा जिस मूर्ति को पिघलाकर बिस्किट बनवाने की बात कही गई है, उसकी सत्यता सभी के सामने लाने की मांग को लेकर जैन समाज का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को एडीजीपी व डीसी से मिलेगा। संगठन इस दौरान मूर्ति की वास्तविकता पर चर्चा कर इससे जुड़े सभी पहलुओं को सार्वजनिक करने एवं इस मामले के दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेगा। इस पर चर्चा के लिए जैन समाज के लोगों की बैठक रविवार को जैन मंदिर में की गई।
जैन समाज के प्रधान संजीव जैन ने बताया कि बैठक में मौजूद सदस्यों के बीच मूर्ति की सोशल मीडिया पर वायरल फोटो पर चर्चा हुई। मूर्ति को दिख स्पष्ट है कि यह जैन धर्म के तीर्थंकर की मूर्ति है। परंतु मूर्ति के अग्रभाग पर एक चिह्न भी होता है, जिससे अलग-अलग तीर्थंकर की पहचान होती है। इसलिए बैठक में यह निर्णय लिया गया कि एडीजीपी से मिलकर मूर्ति से संबंधित कोई अन्य फोटो, वीडियो उपलब्ध कराने और उसके जरिये जानकारी हासिल की जाएगी। इसके अलावा इस प्रकरण में अब तक हुई कार्रवाई पर भी अफसरों से चर्चा की जाएगी। सदस्यों ने एडीजीपी की कार्य प्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से शुरुआती कार्रवाई संभव हो पाई, वरना यह पूरा प्रकरण हांसी पुलिस ने एक तरह से खत्म ही कर दिया था। बैठक में एडवोकेट सुभाष जैन, देवेंद्र जैन, विनोद जैन, नमन जैन, नवीन जैन ने भी संबोधित किया।
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