हिसार। सांसद आदर्श ग्राम कुलाना में लोग 2500 टीडीएस वाला पानी पीने को मजबूर हैं। 23 लोग कैंसर का शिकार तक हो चुके हैं। ग्रामीणों की मानें तो खारा पानी पीने से लोगों के दांत, हड्डी खराब होने सहित कई अन्य रोग बढ़ रहे हैं। गांव में सरकारी व्यवस्था के हिसाब से बुखार तक की गोली नहीं मिलती। गांव में केवल दसवीं तक का स्कूल है। बेटियों को तीन किलोमीटर पैदल चलने पर बस मिलती है, उसमें भी पैर रखने तक को जगह नहीं मिलने पर मजबूरन बस की खिड़की पर लटकर सफर करना पड़ता है। गांव में सीएससी सेंटर लंबे समय से बंद है।
सांसद बृजेंद्र सिंह ने मार्च 2020 में गांव कुलाना को सांसद आदर्श ग्राम के तौर पर चुना। ग्राम पंचायत ने 18 कामों की एक सूची सांसद को सौंपी, जिसमें 90 प्रतिशत काम अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। गांव का भूजल बेहद खराब है, जिसका टीडीएस 2500 से अधिक है। नहरी पानी गांव तक पहुंचाने के लिए 2017 में एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इसमें खरड़-मय्यड़-कुलाना तक पाइप लाइन के पानी पहुंचाना था। करीब 9 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए 7 करोड़ रुपये का बजट था। गांव नियाना में पानी को लिफ्ट कर आगे भेजना था। लाइन का काम करीब एक साल पहले पूूरा हो चुका है। अब नियाना के पंप हाउस में बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाया जाना है। जिसका काम अटका हुआ है। यह काम पूरा होने के बाद पानी को इन तीन गांवों तक पहुंचाया जा सकेगा। इस समय गांव के दोनों जलघर सूखे पड़े हैं।
40 दिन में सिर्फ सात दिन होती है पेयजल की सप्लाई
ग्रामीणों ने बताया कि 40 दिन में सिर्फ 7 दिन के लिए पानी आता है। इससे एक भी टैंक पूरा नहीं भर पाता। जिसकी आपूर्ति महज 10 दिन ही चल पाती है। इसके बाद 30 दिन तक जलघर में लगाए गए बोरवेल का खारा पानी गांव में आपूर्ति किया जाता है। ग्रामीण पीने के पानी के कैंपर पर हर महीने 450 और टैंकर पर करीब 2100 रुपये खर्च करने को मजबूर हैं।
बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ सिर्फ नारा
गांव की बेटियों को सबसे अधिक परेशानी रोडवेज बसों की हैं। गांव से हिसार या हांसी के लिए कोई बस नहीं है। बेटियां तीन किलोमीटर पैदल चलकर हांसी- बरवाला रोड पहुंचती हैं। वहां भी बसें नहीं रुकतीं, बसों की खिड़कियों में लटकर कर सफर करती हैं। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ सिर्फ नारा रह गया है। - मनोहरी देवी, ग्रामीण
गांव में कचरा डालने के लिए कोई सार्वजनिक जगह नहीं है। गोबर डालने के लिए कोई जगह नहीं होने के कारण गांव के जलघर के पास गोबर-कचरा डाला जा रहा है। गांव के स्कूल, स्टेडियम के बाहर भी चारों ओर कब्जा किया हुआ है। - नीलम देवी, ग्रामीण
गांव में 12वीं तक का भी स्कूल नहीं है। पढ़ने के लिए मैं रोजाना खरड़ अलीपुर जाता हूं। वहां तक पहुंचने के लिए बस की सुविधा भी नहीं हैं। कभी साइकिल पर तो कभी पैदल ही स्कूूल जाते हैं। खरड़ अलीपुर के लिए बस होनी चाहिए। - सुरेश, छात्र
ग्राम सचिवालय में सीएससी सेंटर लंबे समय से बंद है। अब ऑनलाइन काम के लिए एक निजी कंप्यूटर सेंटर संचालक के पास लोगों को जाना पड़ता है। छोटे-छोटे काम के लिए भी हांसी या हिसार जाना पड़ता है।
-प्रमोद, ग्रामीण।
गांव में डीएपी, यूरिया नहीं मिली। कई दिन तक हांसी गए वहां से भी खाली हाथ लौटे। अब बिना खाद के ही गेहूं की बिजाई को मजबूर होना पड़ा। गांव से गुजर रहा गंदे पानी का नाला भी बरसाती सीजन में ओवरफ्लो होकर फसलों को बर्बाद करता है। - गोपीराम, ग्रामीण
हमारी कपास की फसल पिछले तीन साल से लगातार बर्बाद हो रही हैं। गांव के लोगों को किसी तरह का मुआवजा नहीं मिला। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सांसद को गांव में आते ही नहीं। - विक्रम, ग्रामीण
गांव का खेल स्टेडियम ऊबड़-खाबड़ है, जिसका गेट तक नहीं बनाया गया। कांटे की बाड़ लगाकर इसे बंद किया गया है। इसकी चहारदीवारी, लेवलिंग का काम भी अधूरा है। अधिकारी काम करना तो दूर लोगों की समस्या तक नहीं सुनते। - जय सिंह, ग्रामीण
गांव के बस अड्डे पर बस क्यू शेल्टर तक नहीं है। लोगों को बुुखार तक की गोली गांव में नहीं मिलती। इसके लिए हांसी जाने को मजबूर हैं। एक प्राइवेट डॉक्टर गांव में प्रैक्टिस करता है, जिससे गांव के लोग प्राथमिक उपचार लेते हैं। - बेगराज, ग्रामीण
हमारे गांव में पानी की सबसे बड़ी समस्या है। पीने के लिए पानी खरीदने मजबूर हैं। हर घर पीने के लिए पानी के लिए कैंपर और दूसरे उपयोग के लिए टैंकर खरीदता है। गांव के लिए पेयजल लाइन का काम चार साल से अटका है। अधिकारी हर बार 15 दिन का नाम लेकर टरका देते हैं। - अमर सिंह, नंबरदार
हमने 18 बड़े कामों की सूची सांसद को सौंपी थी। करीब एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। बाद में कोविड होने के कारण काम प्रभावित हो गए। अब दोबारा से अधिकारियों ने सर्वे किया है। जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। - मांगेराम, सरपंच
कोरोना के कारण काम में कुछ देरी रही। अतिरिक्त उपायुक्त को निर्देश देकर मौके का निरीक्षण कराया गया है। जल्द ही इसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट लूंगा। विकास कार्यों को जल्द शुरू कराया जाएगा। पानी की समस्या का निदान भी प्राथमिकता से होगा। - बृजेंद्र सिंह, सांसद, हिसार
ये काम अब तक नहीं हो सके शुरू
- स्टेडियम का अधूरा काम पूरा कराने के लिए 20 लाख का प्रस्ताव।
- गांव की मुख्य चौपाल का 20 लाख से पुनरुद्धार।
- गांव में 7 लाख रुपये की लागत से पार्क का निर्माण करना।
- करीब 20 लाख रुपये की लागत से जोहड़ की चहारदीवारी का काम पूरा कराना।
- 6 लाख रुपये से अनुसूचित वर्ग की चौपाल का निर्माण।
- गांव में उच्च स्कूल को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के तौर पर अपग्रेड।
- स्वच्छता और पौधरोपण के लिए 5 लाख रुपये खर्च करना।
प्रमुख मांगें
- गांव से खरड़, मय्यड होते हुए हिसार से लिए रोडवेज की सीधी बस सेवा।
- गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना।
- पेयजल की अधूरी लाइन का काम पूरा कराया जाए।
- गांव से हांसी लिए बस सेवा शुरू की जाए।
सांसद आदर्श ग्राम चुने के बाद यह काम हुए पूरे
कुलाना से भाटला, कुलाना से लालपुरा रोड पर लेवलिंग व सफाई।
- आम वाली और बोदिया जोहड़ की खुदाई
- जलघर में जमीन समतल कराया, पौधरोपण कराया गया
सांसद आदर्श ग्राम - कुलाना में जलघर में लगे हैंडपंप से पानी भतरी महिला नीलम व उनकी बेटी- संवाद- फोटो : Hisar