किसान और मजदूर के साथ हमारा चोली-दामन का रिश्ता है। हमने आज किसानों का नमक नहीं हलवा खाया है और नमक पर चीनी भारी होती है। आप की लड़ाई चंडीगढ़ व दिल्ली में भी लड़नी पड़े तो इसके लिए मैं तैयार हूं। यह बात राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने रविवार को खेड़ी चौपटा धरने पर लोगों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि सरकार आंख बंद करके बैठी हुई है और किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए तपती गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठे हैं। हरियाणा प्रदेश किसानों की भूमि है और चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि भी है। किसानों ने हमेशा आंदोलन कुर्बानी देकर जीते हैं। हम सामने वालों को राम-राम तो कर सकते हैं लेकिन झुक नहीं सकते।
हमारा हक लेना जानते हैं और यह हमने दिल्ली में करके भी दिखाया है। सरकार को किसानों ने पीछे हटा कर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुकने का काम किया है। उन्होंने तीनों कृषि के कानून वापस लेने पड़े। प्रदेश के कुछ नेता किसान आंदोलन को बीमारी बता रहे हैं। वह यह भी जान ले की आज कुर्सी मिली है, वह उनके वोटों से मिली है।
सरकार की तरफ से इस धरने पर अभी तक कोई प्रतिनिधि नहीं आया है। यह सरासर गलत है कि जनता के द्वारा चुने प्रतिनिधि जनता के बीच में अभी तक नहीं आए हो। यह एक बड़ी पंचायत है और इसमें खुद ही आना चाहिए मुझे भी पता चला तो मैं भी इस पंचायत में चला आया।
सरकार ने किसानों की समस्या का नहीं किया समाधान तो करेंगे आंदोलन
कुछ नेता चुनाव के समय गांव व घर के बन जाते हैं और आपके वोट हासिल करके आपकी सुध तक नहीं लेते अब आप लोगों को उनसे होशियार रहना है। वह टिकट दिल्ली या चंडीगढ़ से ले तो आएंगे लेकिन खेड़ी की जनता के वोट उनको कहां से मिलेंगे। यहां पर किसानों की फसलों में जो नुकसान हुआ है। किसान उसकी भरपाई नहीं कर सकते।
किसानों के चूल्हे जलाने में काफी परेशानी हो रही है और प्रदेश सरकार सारा नजारा आंख बंद करके देख रही है। आज प्रदेश में बेसहारा पशु किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे हैं लेकिन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार से मांग है कि वह जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान करें अन्यथा इस आंदोलन को हरियाणा प्रदेश का आंदोलन ना समझे बल्कि आंदोलन राष्ट्रीय लोक दल पार्टी का भी आंदोलन है।
यहां के लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए हम चंडीगढ़ या दिल्ली के लिए भी जाने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर उनके साथ राष्ट्रीय लोक दल के विधायक अजय कुमार, प्रसन्न चौधरी, अशरफ अली, राजपाल बाल्यान, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार, कांग्रेसी नेता जस्सी पेटवाड़, पूर्व विधायक राम भगत, राजकुमार राखी, रामनिवास, देवेंद्र मिर्चपुर, साधु खेड़ी, दिनेश श्योराण, रमेश श्योराण आदि मौजूद रहे।