केंद्र सरकार की तय विमानन नीति हिसार एमआरओ इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का रनवे खोलेगी। नयी नीति से यहां प्रदेश का पहला एयरपोर्ट स्थापित होने की उम्मीद बढ़ी हैं। अधिकतम किराया, एफडीआई, एमआरओ पर फोकस वाली पॉलिसी से अपने शहर को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीदें हैं।
केंद्र सरकार की ओर से घोषित नई नीति में एमआरओ मेंटेनेंस एंड रिपेयरिंग ओवरहाल यूनिट स्थापित करने पर जोर देने का फैसला लिया गया है। ऐसे में हिसार सबसे बेहतर जगह हो सकती है। देश की राजधानी दिल्ली के बेहद करीब होने का फायदा हिसार को मिलेगा।
दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि एमआरओ स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार को जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पडे़गी। जमीन अधिग्रहण के नए कानून के चलते वर्तमान में जमीन अधिग्रहण लंबी व अड़चन भरी प्रक्रिया है।
नई नीति के अनुसार जमीन का प्रबंध प्रदेश सरकार को अपने स्तर पर करना है। ऐसे में हिसार में एमआरओ विकसित करने के लिए सरकार को भारी भरकम खर्च किए बिना तुरंत जमीन मिल जाएगी। तीसरा कारण हरियाणा में भाजपा की सरकार है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट हरियाणा को दिए जाने की संभावना ज्यादा है।
5 हजार करोड़ एमआरओ का बिजनेस
देश में करीब 5 हजार करोड़ रुपये का एमआरओ का बिजनेस है। इसमें करीब 90 प्रतिशत हिस्सा देश से बाहर सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, यूएई में जाता है। केंद्र सरकार मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत इस 5 हजार करोड़ के बिजनेस को इंडिया में स्थापित करना चाहती है।
पहले चरण में भारत की ओर से इन देशों को उनकी तकनीक के आधार पर देश में सेवाएं ली जाएंगी। जिसमें दूसरे देशों के एयर क्राफ्ट को बिना सर्विस टैक्स के आधार पर एमआरओ की सुविधाएं मिल सकेंगी।
कार्गो में भी संभावना
कार्गो एयरपोर्ट को लेकर भी हिसार में काफी संभावनाएं देखी जा रही हैं। हिसार से राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ की ओर जाने के बेहतर रोड उपलब्ध हैं। ऐसे में उत्तर भारत के इस हिस्से में कार्गो एयरपोर्ट की व्यापक संभावनाएं देखी जा रही है।
एफडीआई से आएगा निवेश
केंद्र सरकार की नई नीति में एफडीआई की राह खुल गई हैं। 50 प्रतिशत से अधिक एफडीआई की जा सकेगी। विदेशी कंपनियों का देश के छोटे शहरों में फोकस रहेगा। इस कारण हिसार में एफडीआई के जरिए निवेश होने की सबसे अधिक संभावना है।
नए शहरों को छूट
नई नीति में उन शहरों को एयर सर्विस शुरू करने पर छूट मिलेगी जहां से हवाई यात्रा की सुविधाएं नहीं है। इन शहरों से सेवा शुरू करने पर कंपनी को एयरलाइन के ईंधन पर केवल 2 प्रतिशत टैक्स देना होगा। लैंडिंग, नेविगेशन, पार्किंग रेट से भी छूट रहेगी। ऐसेे में हिसार से हवाई सेवाएं शुरू हो सकती हैं।
नई नीति से आसान होंगी राहें
केंद्र सरकार की ओर से 250 किलोमीटर तक की दूरी के लिए अधिकतम 1200 रुपये किराया तय किया गया है। 700 किलोमीटर की दूरी तक 2500 रुपये किराया वसूला जाएगा। हिसार से हवाई सेवा शुरू होने पर कई आसपास के प्रमुख शहरों में 2500 रुपये तक में पहुंच सकेंगे।
हवाई सेवा शुरू होने पर यह होगा टिकट रेट
हिसार से दिल्ली 1200 रुपये
हिसार से चंडीगढ़ 2500 रुपये
हिसार से जयपुर 2500 रुपये
हिसार से शिमला 2500 रुपये
हिसार से जम्मू 2500 रुपये
हिसार से आगरा 2500 रुपये
वर्तमान में यह हालात
हिसार में करीब 4000 फीट लंबी हवाई पट्टी है। नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं है। हवाई जहाज पार्किंग के लिए केवल दो हैंगर हैं। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तवर्ष में एयरपोर्ट विकास के लिए 50 करोड़ का बजट जारी किया है, जिसमें हवाई पट्टी को 7000 मीटर किया जाएगा।
केंद्र सरकार की नई नीति से जाहिर है कि देश में नए एयरपोर्ट विकसित होंगे, जिसमें हिसार के प्रोजेक्ट को तेजी मिलेंगे। यात्रा के किराया कम करने से हर किसी को फायदा होगा। सस्ती हवाई यात्रा होने से यात्री संख्या में बढ़ोतरी होगी। - डॉ. कमल गुप्ता, सीपीएस, हरियाणा
नई नीति से हिसार को एयर कनेक्टिविटी में काफी तेजी आएगी। नई कंपनियां हिसार प्रोजेक्ट की ओर आएंगी। केंद्र सरकार की यह पॉलिसी छोटे शहरों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्तमंत्री, हरियाणा