अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश के 12 जिलों में जाटों के धरने सोमवार को नौवें दिन भी जारी रहे। आंदोलनकारियों को हाईकोर्ट में सुनवाई की घड़ी का इंतजार था और उम्मीद थी कि फैसला उनके पक्ष में आएगा, लेकिन सुनवाई स्थगित करने पर जाटों ने तीखी प्रतिक्रिया दी कि सरकार उन्हें बरगला रही है। हालांकि सभी जगह शांतिपूर्ण धरने चल रहे हैं। मुख्यमंत्री से 15 जून को बातचीत का न्यौता मिलने पर कई जिलों में धरनों की संख्या बढ़ाना टाल दिया गया है।
रोहतक के जसिया में धरनास्थल पर वक्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह उन्हें बरगला रही है। उन्होंने कहा जब तक उनकी मांगें नहीं पूरी हो जाती तब तक शांतिपूर्ण तरीके से धरना जारी रहेगा। धरने पर काफी संख्या में लोग पहुंचे। जेल में बंद समिति के उपाध्यक्ष दिलावर सिंह की पत्नी और बहन भी पहुंची। दिल्ली समिति के पदाधिकारी, महिला विंग की अध्यक्ष निशा शौकीन भी धरने में शामिल हुए।
उधर हिसार में जाट आरक्षण को लेकर मंगलवार को प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में आगे की रणनीति तय होगी। हालांकि अभी मीटिंग की जगह घोषित नहीं की गई है। बैठक में ही धरने की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। आमरण अनशन को लेकर भी मंथन किया जाएगा। समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा कि मुख्यमंत्री के 15 जून को बातचीत के बारे में अभी तक कोई न्यौता नहीं आया है। हम बातचीत के जरिए ही समाधान कराना चाहते हैं। फतेहाबाद के भूना के गांव ढाणी गोपाल में धरना देकर बैठे जाट आंदोलनकारियों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। करीबन 40-50 जाट आंदोलनकारी ही धरने पर मौजूद थे।
अंबाला के नारायणगढ़ के हुसैनी रोड पर जाटों का धरना जारी रहा। वक्ताओं ने कहा कि अभी तक किसी भी प्रशासनिक अफसर ने उनकी सुध नहीं ली है और न ही बात सुनने की कोशिश है। ऐसे में धरना जारी रखा जाएगा। कैथल में सुबह 8 बजे शुरू हुआ धरना शाम को 4 बजे समाप्त कर दिया गया।
मुख्यमंत्री के बातचीत के न्यौते के बाद धरना बढ़ाने पर रोक पानीपत में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने हाईकोर्ट द्वारा स्टे पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री के साथ बुधवार को होने वाली मीटिंग के मद्देनजर जिले के बाकी स्थानों पर धरने बढ़ाने पर रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के नतीजों के बाद ही आगे फैसला लेंगे। यहां मतलौडा में धरना जारी रहा। समिति के जिलाध्यक्ष सतबीर देशवाल ने कहा कि समिति हाईकोर्ट का सम्मान करती है और किसी तरह के संघर्ष से पहले हाईकोर्ट के फैसले को इंतजार करेगी।
ब्लॉक स्तर पर धरने टाले जींद के खटकड़ गांव में धरने पर बैठे लोगों ने क्रमिक अनशन शुरू किया, लेकिन जुलाना और नरवाना के अलावा अन्य स्थानों पर फिलहाल धरने को टाल दिया गया है। समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैप्टन रणधीर चहल के अनुसार सरकार से फिलहाल बातचीत का न्यौता नहीं मिला है। न्यौता मिलता है, तो बातचीत पर विचार किया जाएगा।
सोनीपत में भूख हड़ताल खत्म, अब क्रमिक अनशन आरक्षण की मांग को लेकर जाट न्याय धरना कर रहे समुदाय के लोगों की भूख हड़ताल सोमवार को खुलवा दी गई। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष राजेश दहिया की मौजूदगी में हवा सिंह और जयसिंह को जूस पिलाया गया। जबकि अन्य दो भूख हड़ताली तबीयत खराब होने के चलते अस्पताल में भर्ती है। इसमें सुखबीर सिंह रविवार दिन में और धर्मबीर सिंह को रविवार देर रात अस्पताल ले जाया गया था। इन दोनों का अस्पताल में ही अनशन खुलवाया गया।
नांगलोई में बैठक के बाद होगा आगामी निर्णय भिवानी में धरनारत जाट नेताओं ने कहा कि मंगलवार को नांगलोई में समित की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद ही आगामी आंदोलन का फैसला किया जाएगा। कोर्ट में सुनवाई की तारीख बढ़ाए जाने पर जाट नेताओं ने कहा कि वे कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे और तब तक शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। चरखी दादरी में भी धरना जारी रहा।
करनाल में धरने की अनुमित एक दिन बढ़ी गांव बल्ला में धरने के लिए प्रशासन ने एक और दिन की परमिशन दे दी है। जाट नेता नफे सिंह ने कहा कि उन्हें 14 जून तक धरने की अनुमति मिल गई है, 15 जून के बाद आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।