अमित भारद्वाज
हिसार। हिसार को स्टील सिटी भी कहा जाता है, क्योंकि देश भर में जब किसी को स्टेनलेस स्टील की जरूरत होती है तो वह हिसार की तरफ रुख करता है। स्टील सिटी की नींव करीब 56 साल पहले पड़ी थी, जब स्वर्गीय ओप्रकाश जिंदल ने वर्ष 1964 में जिंदल इंडिया लिमिटेड के नाम से पाइप की यूनिट स्थापित की, जिसका नाम बाद में जिंदल स्ट्रीप्स लिमिटेड रख दिया गया। धीरे-धीरे यहां अन्य स्टील फैक्टरियां स्थापित होने लगी। आज स्थिति यह है कि यहां स्टील की करीब 50 यूनिट स्थापित हैं, जिनसे प्रति वर्ष 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का उत्पादन हो रहा है।
शुरुआत में बाहर से लाना पड़ता था कच्चा माल
शुरुआत में जिंदल इंडिया लिमिटेड के अलावा हरियाणा ट्यूब व रविंद्रा ट्यूब पाइप फैक्टरियां लगीं। मगर इन्हें कच्चा माल पंजाब के गोविंदगढ़ व बोकारो स्टील प्लांट से मंगवाना पड़ रहा था। धीरे-धीरे जिंदल ग्रुप ने अपनी फैक्टरी में रोलिंग मिल स्थापित की। इसके अलावा फरनस यूनिट लगाई। वर्ष 1975 में जिंदल ग्रुप नई तकनीक लेकर आया, जिसकी मदद से यहां स्टेनलेस स्टील का उत्पादन शुरू हो गया। जब यहीं कच्चा माल मिलना शुरू हो गया तो काफी संख्या में स्टेनलेस स्टील की फैक्टरियां शुरू हो गईं।
वर्तमान में करीब 50 स्टील यूनिट
वर्तमान में शहर में करीब 50 स्टील यूनिट हैं। इनमें से चार से पांच बड़ी इकाईयां हैं और बाकी मध्यम व लघु इकाईयां ही हैं। इनमें पाइप, गार्डर, तारें व सांचे आदि बनाए जाते हैं। यहां से माल पूरे प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व दिल्ली में जाता है।
सुविधाएं न मिलने से नहीं लग रहीं नई इकाइयां
उद्योगपतियों की मानें तो अब सरकार की तरफ से उन्हें कोई सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिस कारण अब नई इकाइयां भी लग रही हैं। उनके मुताबिक प्रदेश में उद्योगों को काफी महंगी बिजली दी जा रही है, जबकि पड़ोसी राज्यों में उद्योगों को हरियाणा के मुकाबले सस्ती बिजली मिल रही है। प्रदेश में उद्योगों को 9 रुपये प्रति यूनिट बिजली पड़ रही है, वहीं हिमाचल प्रदेश में साढ़े पांच रुपये, पंजाब में 7 रुपये व राजस्थान में 6 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से उद्योगों को बिजली मिल रही है। इसके अलावा टैक्स में भी उन्हें कोई छूट नहीं दी जा रही हैं।
एसईजेड लगे तो होगा फायदेमंद
इस क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार अगर प्रदेश सरकार की तरफ से यहां स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) स्थापित किया जाए तो इससे स्टील उद्योगों को काफी फायदा होगा। एसईजेड के बनने से यहां नई इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। इस क्षेत्र में आने वाला समय हार्ड कार्बन स्टील, डाई स्टील आदि का होगा। एसईजेड के शुरू होने से इनका उत्पादन यहां शुरू हो सकेगा।
स्टील का नाम आते ही हिसार का नाम भी लिया जाता है। भविष्य में भी ऐसा ही हो, इसके लिए सरकार को भी कुछ कदम उठाने चाहिए ताकि हिसार की यह पहचान कायम रह सके। - देवेंद्र जैन, प्रधान, हिसार उद्योग संघ
हिसार में एसईजेड की स्थापना की जाए, जिससे यहां उद्योगों को फलने-फूलने में मदद मिलेगी। - अजय बतरा, महासचिव, हिसार उद्योग संघ