चौधरी भजनलाल से जुड़े पटवारी वाले किस्सा मनोहरलाल ने सुनाया उसका कितना नुकसान हुआ इस सवाल का जवाब देते हुए कुलदीप बिश्नोई ने कहा प्रदेश भर के लोगाें में इससे गुस्सा था। मैंने बार बार लोगों को कहा कि मैंने माफ कर दिया ऐसी कोई बात नहीं है ,आप भी माफ कर दो। लोगों में जबरदस्त गुस्सा था और आज भी है। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि पटवारी वाला किस्सा सच्चा है।
रावतखेड़ा के बिश्नोई चौधरी भजनलाल से मिलने चंडीगढ़ गए थे। उन लोगों चौधरी भजनलाल के सामने कहा था कि पटवारी ने रिश्वत मांग रहा है। जिसके बाद चौधरी भजनलाल ने कहा था कि कितने खर्चा लग गया। उन लोगों ने कहा कि आने जाने में 400 रुपये खर्च हो जाएंगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि 200 रुपये तो वहां दे देते काम हो जाता। इसके बाद चौधरी भजनलाल ने अपनी जेब से 400 रुपये निकाल कर भी दिए , पटवारी को निलंबित किया गया था। गिरदावरी के जिस काम के लिए आए थे वह काम भी कराया था। मनोहरलाल ने किस्से का आखिरी हिस्सा नहीं सुनाया।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि लोगों ने मेरा एक कद बना दिया है। मैं फाइल लेकर दफ्तर दफ्तर नहीं जा सकता। लोगों के काम के लिए फोन तो कर सकता हूं लेकिन दफ्तर में नहीं जा सकता। दस दिन में से दो दिन आदमपुर, दो दिन दिल्ली, 6 दिन चंडीगढ़ में रहकर लोगों के काम कराते हैं। भव्य बिश्नाई को मंत्री बनाते तो अच्छा रहता। इसका भाजपा को भी होता। आज आदमपुर में 42 प्रत्याशी घूम रहे हैं।इसमें 80 प्रतिशत लोग साढे चार महीने गायब रहते हैं। हम 56 साल से सेवा कर रहे हैं। यहां बंसीलाल, देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला,भूपेंद्र सिंह हुड्डा सभी आ चुके लेकिन यहां के लोग बहुत समझदार हैं।