लोक निर्माण विभाग की ओर से भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसकी आंतरिक सज्जा और विद्युतीकरण का काम लंबित है। काम पूरा होने के बाद संग्रहालय के अंदर जैसे ही पर्यटक प्रवेश करेंगे तो उनको ऐसी झलक मिलेगी जैसे कि वह हड़प्पाकालीन सभ्यता में पहुंच गए हो। संग्रहालय के बाहर जीआरसी टाइल का प्रयोग किया गया है।
सरकार का प्रयास है कि संग्रहालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार पर्यटन विभाग ने निर्माण कार्य की निविदा आमंत्रित कर ली है लेकिन आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही इनको खोला जाएगा। निविदा खुलने पर काम शुरू होने के करीब छह महीने बाद ही अंदर का पूरा काम कर दिया जाएगा।
इस संग्रहालय में ओपन एयर थिएटर, गैलरी, पुस्तकालय, कैफे, किड्स जोन, छात्रावास आदि बनाए जाएंगे। ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। यहां फोटोग्राफ की लैब तैयार की जाएगी जिनमें चित्रों के माध्यम से आगंतुक राखीगढ़ी के इतिहास को जान सकेंगे।