हिसार। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा में धान पर 0.5 प्रतिशत मार्केट फीस व 0.5 प्रतिशत एसआरडीएफ (हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड) थी। सरकार ने11 जनवरी 2022 को एचआरडीएफ 0.5 पैसे से बढ़ाकर 2 प्रतिशत व 2 प्रतिशत मार्केट फीस कर दी है। मार्केट फीस व एचआरडीएफ में बढ़ोतरी कर आढ़ती, मिलर व किसानों के साथ ज्यादति करने का काम किया है। यह सरकार आढ़ती, मिलर्स व किसान विरोधी है।
गर्ग ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जीएसटी लागू करते समय घोषणा की थी कि एक देश-एक टैक्स होगा। केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत अनाप-शनाप टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है तो देश व प्रदेश में सरकार को अपने व्यादे के अनुसार मार्केट फीस हटनी आनी चाहिए थी। सरकार की गलत नीतियों से लगातार हरियाणा में राइस मिलें बंद हो रही है। मंडियों में आढ़तियों का व्यापार कम होता जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल धान व गेहूं पर मार्केट फीस जो 4 प्रतिशत है उसे घटाकर मार्केट फीस व एचआरडीएफ दोनों मिलाकर अधिकतम 1 प्रतिशत करें।