भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह को वीरवार को तीन गांवों में किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। गांव नियाणा व खरड़ में महिलाओं ने नारेबाजी कर काले झंडे लहराए तो गांव सरसौद में विकास कार्याें को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। विरोध को देखते हुए गांव में अर्द्ध सैनिक बल तैनात किया गया था।
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भाजपा प्रत्याशी रणजीत चौटाला अपने काफिले के साथ खरड़-अलीपुर में पहुंचे तो किसानों ने जमकर विरोध किया। रणजीत चौटाला गाड़ी से निकलकर बाहर आए। किसान नेता कुलदीप खरड़ ने पूछा कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू क्यों नहीं की गई? पंजाब के किसान शुभकरण को गोली क्यों मारी गई?
इस दौरान रणजीत के समर्थकों ने किसानों से वीडियो न बनाने के लिए कहा। जिस पर किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रणजीत चौटाला वहां से चले गए। गांव सरसौद में भ्याण खाप के युवा अध्यक्ष नरेश भ्याण ने उनसे सवाल किया तो वे बोले-मुझे कुछ याद नहीं की वे पहले सरसौद आए हैं। इस पर किसान भड़क गए तो वे वहां से चले गए।