जल संरक्षण की ओर कदम बढ़ाते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) ने सामान्य तालाब की बजाय अपनी एक किलोमीटर लंबी तालाबनुमा नहर बनाई है। एचडीपीई पॉलिथिन शीट से बनी 4 करोड़ लीटर पानी की क्षमता वाली इस नहर में जरा सा पानी भी जमीन में नहीं जाएगा। इस पानी से विश्वविद्यालय के आर्गेनिक फार्म में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई की जाएगी।
पारंपरिक तरीके से पानी के संरक्षण और नाले से सिंचाई करने की अपेक्षा अब पानी की 60 प्रतिशत तक बचत होगी। हाल ही में विधायकों के दौरे के दौरान पंडित दिनदयाल उपाध्याय आर्गेनिक फार्म के निदेशक डॉ. अनिल यादव ने यह जानकारी दी। सामान्य तालाब में पानी एकत्रित करने और छोटी नालियां बनाकर खेत में पानी देने से पानी रिसकर जमीन में चला जाता है। इस पानी को बचाने के लिए के लिए एचएयू ने एचडीपीई पॉलिथिन शीट से यह नहर बनाई है।
एचडीपीई शीट धूप में भी नहीं होगी खराब
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस तालाबनुमा नहर का निर्माण 78 लाख रुपये में किया है। इसमें एचडीपीई शीट का इस्तेमाल किया गया है, जो न तो आसानी से खराब होती है और न ही पानी को जमीन में जाने देती है। खास बात यह है कि इससे जमीन या किनारों पर घास-फूंस भी नहीं उगेगा। यहां तक कि इस यूवी स्टेबलाइज्ड शीट के कारण कम पानी के दौरान धूप में रहने वाला हिस्सा भी खराब नही होगा।
100 एकड़ में पानी की जरूरत को करेगी पूरा
बाईपास रोड के साथ-साथ विश्वविद्यालय में बनी इस तालाबनुमा नहर में साढ़े 3 करोड़ से 4 करोड़ लीटर पानी एकत्रत किया जा सकता है, जो 100 एकड़ जमीन की पानी की जरूरत को पूरा करेगा। फार्म में एक अन्य तालाब भी बनाया गया है, जिसकी 1 करोड़ लीटर पानी की क्षमता है। इन दोनों तालाबों में नहर का पानी एकत्रित करने के अलावा बारिश के पानी का संरक्षण होता है।