मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि फिलहाल उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसके असर से बादलवाही देखने को मिल रही है। आने वाले दो दिनों तक इस तेज गति से हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इस पश्चिमी विक्षोभ के आगे निकलने के बाद एक बार हवाओं की दिशा उत्तरी होने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आगएी। साथ ही एक नया कमजोर श्रेणी पश्चिमी विक्षोभ 19 अक्तूबर को सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ स्थानों पर धुंध का असर भी देखने को मिलेगा।
एचएयू के वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि जिन किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है। यह बारिश उनके लिए नुकसानदायक है। मगर जिन किसानों ने अभी तक बिजाई नहीं की है, उनके लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। वहीं तेज हवाओं व बारिश के कारण धान की फसल बिछ गई है। इस कारण धान के उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
बेमौसमी बारिश बच्चों व बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इस समय जरा सी लापरवाही बीमार कर देगी। अगले चार दिन सावधान रहने की जरूरत है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मौसम में एसी व कूलर का उपयोग न करें। बच्चों को फ्रिज का सामान, आइसक्रीम न खाने दें। स्वच्छ व शुद्ध पानी का ही उपयोग किया जाए। अपने एरिया में जलभराव न होने दें।