हरियाणा के हिसार में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भाजपा ने जजपा को बाहर नहीं किया। करीब साढ़े चार साल तक सब ठीक चला था। भाजपा की ओर से उनको जो सीट ऑफर की शायद उनको वह मंजूर नहीं थी।
गाड़ी पटरी पर नहीं बैठी तो वह लोग अलग हो गए। हरियाणा में किया गया बदलाव लोकसभा सीट को लेकर था। भाजपा ने सभी 10 की 10 सीट जीतने के लक्ष्य के चलते यह फैसला लिया।
गुरुवार को हिसार में मीडिया से बातचीत करते हुए राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि लोगों के रोजाना के काम प्रदेश सरकार से अधिक जुड़े होते हैं। हमने दस साल पहले इंसाफ मंच का गठन किया था। कांग्रेस छोड़ने के बाद इस इंसाफ मंच के जरिये राजनीति में जाकर लोगों की सेवा करना चाहते थे। इस बीच नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई तो उन्होंने ऑफर दिया कि भाजपा में आ जाओ। भाजपा ने मुझे तीसरी बार मैदान में उतारा है। इससे पहले दो बार कांग्रेस से सांसद रह चुका हूं।
उन्होंने कहा कि अहीरवाल से सरकार को जितना प्रतिनिधित्व मिलता है उसके बदले उनका रिटर्न नहीं मिलता। लोग चाहते थे कि मैं सीएम का पद संभालूं। लोगों के काम के लिए प्रदेश की राजनीति सबसे अहम होती है। उनके छोटे छोटे काम प्रदेश से जुड़े होते हैं। मैं अपनी बेटी आरती राव को विधानसभा लड़ाना चाहता हूं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि फिलहाल तो मेरी प्राथमिकता लोकसभा चुनाव की है। अगर कोई नेता लंबी राजनीति करना चाहता है तो उसे राजनीति नीचे से शुरू करना चाहिए। लोकसभा में जाने के बाद आप लोगों से कुछ हद तक दूर हो जाते हैं।
पूर्व सीएम मनोहरलाल के साढ़े 9 साल के कार्यकाल पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने कहा कि चलो जैसा भी था ठीक ही था, अब क्या कहना। इस मौके पर इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष मांगेराम यादव, संदीप यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।