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हांसी रविंद्र हत्याकांड: बाइक मैकेनिक से शुरू किया सफर, अब विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में थे सैनी

Fri, 12 Jul 2024 11:47 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

रविंद्र सैनी का परिवार खेतीबाड़ी करता था और इसके बाद कारोबार में कदम रखा। उन्होंने पहले एलआईसी कार्यालय के पास दुकान बनाई। यहां बाइक मैकेनिक के तौर पर काम करने लगे। धीरे धीरे वह पुरानी बाइकों को बेचने का काम भी करने लगे। काम बढ़ता गया तो फिर हीरो होंडा की एजेंसी ली।
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मृतक रविंद्र सैनी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रविंद्र सैनी ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति की बदौलत बाइक मैकेनिक से काम शुरू कर हीरो एजेंसी के मालिक बनने तक का सफर किया। राजनीति में रुचि हुई तो पहले लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल हुए और इसके बाद करीब 13 वर्ष पहले इनेलो में शामिल हो गए। जजपा का गठन होने के बाद वे इस पार्टी में शामिल हो गए और अब हांसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

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रविंद्र सैनी का परिवार खेतीबाड़ी करता था और इसके बाद कारोबार में कदम रखा। उन्होंने पहले एलआईसी कार्यालय के पास दुकान बनाई। यहां बाइक मैकेनिक के तौर पर काम करने लगे। धीरे धीरे वह पुरानी बाइकों को बेचने का काम भी करने लगे। काम बढ़ता गया तो फिर हीरो होंडा की एजेंसी ली। एजेंसी पार्टनरशिप में ली थी। कई वर्षों तक पार्टनरशिप में काम करने के बाद करीब 18 वर्ष पहले अपनी अलग एजेंसी खोली। रविंद्र सैनी ने हीरो की एजेंसी ली।

शोरूम बनने के बाद मंडी सैनियान में अपना घर भी छोड़ दिया। वह शोरूम के ऊपर मकान बनाकर परिवार सहित रहने लगे। राजनीति में रुचि जगी तो पहले रामविलास पासवान के साथ जुड़े। उस समय पासवान केंद्र सरकार में मंत्री थे। हिसार चुंगी पर पासवान की एक जनसभा भी आयोजित करवाई थी। वर्ष 2011 में वे इनेलो में शामिल हुए।
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दुष्यंत चौटाला ने अलग पार्टी बनाई तो फिर जजपा के साथ जुड़ गए। जजपा में पहले वह व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रहे और अब पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष थे। दो दिन पहले हिसार में कार्यकर्ताओं की बैठक में भी शामिल हुए थे और विधानसभा चुनाव लड़ने का मन भी बना चुके थे। चुनाव जजपा से ही लड़ने की तैयारी थी। इसके बारे में उन्होंने अपने कई साथियों को बताया था।

निडर व साहसी थे, कहते थे रंगदारी नहीं दूंगा
वर्ष 2017 में सैनी ने विकास नेहरा के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज करवाए। इसके बाद उन्हें कोर्ट में गवाही न देने के लिए धमकी मिली। रविंद्र सैनी डरे नहीं। अक्सर उनके परिचित उन्हें समझाया करते थे कि कोर्ट केस वापस ले लो, बदमाशों से पंगा न लो। सैनी का जवाब रहता था कि वह बदमाशों से डरने वाले नहीं है। आज एक बदमाश रंगदारी मांग रहा है, केस वापस लिया तो कल कोई और बदमाश मांगने आ जाएगा।

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