तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम बबीता उर्फ अभिनेत्री मुनमुन दत्ता सोमवार को हरियाणा के हांसी थाने पहुंची। अनुसूचित जाति पर टिप्पणी पर दर्ज केस में वह जांच अधिकारी डीएसपी विनोद शंकर के समक्ष पेश हुई। इस दौरान जांच अधिकारी ने उनको औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया और साढ़े तीन घंटे पूछताछ के बाद अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया। एसपी नितिका गहलोत ने भी मुनमुन दत्ता से पूछताछ की।
पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एसपी कार्यालय में भारी पुलिस बल तैनात किया हुआ था। मुनमुन दत्ता खुद अपने साथ हाईकोर्ट के वकील व हाईकोर्ट के आदेश पर दो सुरक्षाकर्मियों व बाउंसर्स के साथ डीएसपी कार्यालय पहुंची थी। मुनमुन दत्ता ने इस दौरान किसी भी मीडिया कर्मी से बात नहीं की। मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा हांसी के दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कल्सन ने 13 मई 2021 दर्ज कराया था।
मुनमुन दत्ता ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को खत्म कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी और उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 22 सितंबर 2021 को खारिज कर दिया था। मुनमुन दत्ता की अग्रिम जमानत याचिका हिसार की एससी-एसटी एक्ट के तहत स्थापित विशेष अदालत ने 28 जनवरी को खारिज कर दी थी।
इसके बाद उन्होंने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली और हाईकोर्ट के जज अवनीश ने 4 फरवरी को मुनमुन दत्ता को हांसी में जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर जांच में शामिल होने को कहा था। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए थे कि वे 25 फरवरी को जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करें।
गौरतलब है कि पिछले साल 9 जनवरी को मुनमुन दत्ता पर यूट्यूब पर एक वीडियो जारी कर अनुसूचित जाति के लिए अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। इस पर हांसी के दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन ने थाना शहर हांसी में मुनमुन दत्ता के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले वह क्रिकेटर युवराज सिंह, अभिनेत्री युविका चौधरी पर भी केस दर्ज करवा चुके हैं। इन मामलों की सुनवाई चल रही है। अभिनेत्री युविका भी हांसी के पुलिस थाने आ चुकी हैं।