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हिसार नागरिक अस्पताल के डायलिसिस सेंटर की तीन मशीनें खराब

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हिसार नागरिक अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में खराब हुई मशीन। संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। नागरिक अस्पताल में स्थित डायलिसिस सेंटर की दो मशीनें दो सप्ताह से खराब पड़ी हैं। डायलिलिस सेंटर के प्रबंधक इन मशीनों को ठीक करने के लिए दो बार कंपनी के पास लेटर भेज चुके हैं। मगर अभी तक इन मशीनों को ठीक नहीं किया गया है।
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इनमें से एक मशीन काला पीलिया के मरीजों को डायलिसिस देने के लिए है व बाकी दो मशीनें नॉर्मल मरीजों को डायलिसिस देने के लिए है। डायलिसिस सेंटर के प्रबंधक की मानें तो ब्रेक डाउन हुई मशीनों को ठीक करने के लिए दिल्ली से मैकेनिक आने हैं।
बता दें कि वर्ष 2017 में नागरिक अस्पताल में पीपीपी मोड पर डायलिसिस सेंटर शुरू किया गया था। इस सेंटर में मरीजों को डायलिसिस देने के लिए 10 मशीनें इंस्टॉल की गई हैं। हर दिन 30 मरीजों को डायलिसिस दिया जा रहा है। जिनमें काला पीलिया के मरीज भी शामिल होते हैं। नागरिक अस्पताल में शुरू किए गए डायलिसिस सेंटर में निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम रेट पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। वहीं बीपीएल और आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह सुविधा निशुल्क है।
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यह होता है डायलिसिस
डायलिसिस रक्त शोधन की एक कृत्रिम विधि है। डायलिसिस की प्रक्रिया को तब अपनाया जाता है, जब किसी व्यक्ति के गुर्दे अथवा किडनी खराब हो जाए या इनमें दर्द रहता हो या ठीक तरीके से अपना काम न कर रहे हों। गुर्दे से जुड़े रोगों में लंबे समय से मधुमेह के रोगी, उच्च रक्तचाप और अन्य बीमारियों से गुर्दे खराब होने के मामले में कई बार डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है।
डायलिसिस पर कहां कितने रुपये लगते हैं
डायलिसिस के प्रकार सरकारी रेट निजी अस्पतालों के रेट
काला पीलिया की डायलिसिस 1063 रुपये 2500 रुपये
काला पीलिया की डायलिसिस 943 रुपये 1750 रुपये
जुगुलर कैथेराइजेशन की हेमोडायलिसिस 800 रुपये 1500 रुपये
- सबक्लावियान कैथेराइजेशन फोर हेमोडायलिसिस 1070 रुपये 1850 रुपये
- वन साइडेड फेमोरल कैथराइजेशन 480 रुपये 900 रुपये
- बिलाटरल फेमोरल कैथराइजेशन फोर हेमोडायलिसिस 670 रुपये 1200 रुपये
- हेमोडायलिसिस फोर सेरो-पॉजिटिव केस 720 रुपये 1500 रुपये
स्पेशल इंजीनियर आएंगे तभी ठीक हो सकेंगी मशीनें
करीब दो सप्ताह से तीन डायलिसिस मशीनों का ब्रेक डाउन है। कंपनी अधिकारियों को दो बार लेटर भी भेजा जा चुका है। मशीनों को ठीक करने के लिए दिल्ली से स्पेशल इंजीनियर आएंगे, तभी मशीनें ठीक हो पाएंगी।
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- रोहित कुमार, प्रबंधक, डायलिसिस सेंटर, नागरिक अस्पताल हिसार।
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