हिसार। व्यापारियों की सीजीएसटी संबंधी शिकायतों के निवारण को लेकर सीजीएसटी आयुक्त कार्यालय की तरफ से ग्रीवेंस सेल का गठन किया गया है। व्यापारी सेल के पास ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायतें भेज सकेंगे। अधिकारियों का दावा है कि सेल तीन दिन में शिकायतों का समाधान करेगी। बुधवार को सीजीएसटी रोहतक आयुक्त संदीप पुरी ने हिसार, फतेहाबाद व सिरसा की टैक्स बार के सदस्यों व ट्रेड एसोसिएशन के साथ बैठक की। बैठक में बार सदस्यों व ट्रेड एसोसिएशन ने अपनी समस्याएं रखीं।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित बैठक में पहुंचे सीजीएसटी आयुक्त संदीप पुरी ने बताया कि पहली दफा रोहतक आयुक्त कार्यालय की तरफ से ग्रीवेंस सेल का गठन किया गया है। इन शिकायतों का जवाब देने के लिए सहायक आयुक्त की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि यदि सेल तीन दिन में शिकायत का समाधान नहीं कर सकी तो कारण बताते हुए समस्या के समाधान में लगने वाले समय के विवरण के साथ एक अंतरिम उत्तर भेजा जाएगा। वहीं शिकायत का समाधान होने पर तुरंत सूचना दी जाएगी। आयुक्त ने बताया कि व्यापारी ई-मेल आईडी जीआरसी-सीजीएसटीरोहतक एट द रेट जीओवी डॉट इन पर अपनी शिकायत व समस्या भेज सकते हैं। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त अजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त गौरव ढांडा, सहायक आयुक्त हिसार रोशन लाल, टैक्स बार एसोसिएशन के प्रधान दर्शन रहेजा मौजूद रहे।
10 दिसंबर तक व्यापारी दें अपने सुझाव
आयुक्त संदीप पुरी ने टैक्स बार के सदस्यों व ट्रेड एसोसिएशन के पदाधिकारियों से कहा कि वह सीजीएसटी के संबंध में अपने सुझाव 10 दिसंबर तक अधिकारियों के पास जमा करवा दें। जल्द ही सीजीएसटी के चीफ आयुक्त एक राष्ट्रीय स्तर की बैठक करेंगे, जिसमें यह सुझाव उनके सामने रखे जाएंगे।
अधिकारी बोले- रजिस्टर्ड डाक से भेजी जाती है समन की कॉपी, व्यापारी बोले - नहीं मिलती
व्यापारियों ने मुद्दा उठाया कि अधिकारी अक्सर समन की कॉपी ई-मेल आईडी पर भेज देते हैं। काफी बार वह मेल आईडी चेक नहीं करते। विभाग को डाक के माध्यम से भी समन की कॉपी भेजनी चाहिए। इस पर संदीप पुरी ने अधिकारियों से पूछा कि क्या वह डाक के माध्यम से भी समन की कॉपी भेजते हैं तो अधिकारी बोले-हां भेजते हैं। व्यापारी ने कहा कि उन्हें कभी भी डाक के माध्यम से कॉपी नहीं मिलती है। यह सुनकर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वह डाक के माध्यम से कॉपी अवश्य भेजे और साथ में मोबाइल नंबर पर सूचित भी कर दें।
एक्ट में प्रावधान नहीं, फिर भी साथ आते हैं पुलिस कर्मचारी
टैक्स बार एसोसिएशन सिरसा के प्रधान सुरेंद्र बंसल ने कहा कि रिकवरी के समय जब विभाग के अधिकारी आते हैं तो उनके साथ पुलिस कर्मचारी भी आते हैं, जबकि एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस पर आयुक्त कोई स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दे सके।
ये रखीं शिकायतें
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन करवाते समय काफी ज्यादा डॉक्यूमेंट मांगे जाते हैं, जिन्हें उपलब्ध करवाने में व्यापारी को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉक्यूमेंट की संख्या कम की जानी चाहिए।
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन में काफी समय लगता है, जिससे व्यापारी व सरकार दोनों को नुकसान होता है।
- व्यापारियों को डीआरसी 04 इश्यू किया जाए, जो वर्तमान में नहीं मिल रहा है।
- गलत मिले इनपुट का अगर इस्तेमाल नहीं किया गया है तो उस पर ब्याज न लगाया जाए।
- अगर क्रेडिट ब्लॉक किया जाता है तो उसे पोर्टल पर दिखना चाहिए और उसकी सूचना भी मिलनी चाहिए।