हिसार। संसार में हर रिश्ते से अलग होता है दोस्ती का रिश्ता। आज के समय में दोस्ती को बार, रेस्टोरेंट में पार्टी कर सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन हिसार और रेवाड़ी के दो दोस्त अपनी दोस्ती के नाम पर 5100 पौधे लगाकर उसे जीवन भर हरा-भरा रखना चाहते हैं। दोनों की दोस्ती डेढ़ साल पहले एक एनएसएस के कैंप में हुई थी।
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के बीफार्मा अंतिम वर्ष के विद्यार्थी अमित और इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी मीरपुर रेवाड़ी में एमकॉम प्रथम वर्ष के विद्यार्थी योगेश ने अपनी दोस्ती पर्यावरण के नाम कर दी है। उन्होंने कहा कि एनएसएस में रहते हुए उन्होंने देखा है कि आज का युवा नशे की गिरफ्त में आ रहा है। दोस्ती और खुशियां इतनी सस्ती नहीं होती कि उन्हें नशा करके सेलिब्रेट किया जाए।
लखनऊ के युवा महोत्सव में हुई थी दोस्ती :
अमित ने बताया कि 12 से 16 जनवरी 2020 को के बीच लखनऊ में राष्ट्रीय युवा महोत्सव था, जिसमें देशभर से प्रत्येक विश्वविद्यालय से 2 एनएसएस स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया था। उसमें वे भी अपने-अपने विवि से गए थे। दोनों में पहले ही दिन दोस्ती हो गई। जिसे उन्होंने पर्यावरण को समर्पित कर दिया।
ग्रीन इंडिया आंदोलन शुरू किया
गुजवि में एनएसएस इंचार्ज डॉ. अनिल भानखड़ के कहने पर दोनों विद्यार्थियों ने सोशल ग्राम फाउंडेशन बनाई और ग्रीन इंडिया आंदोलन शुरू कर दिया। वे पिछले छह माह में 1100 पौधे लगा चुके हैं और फिलहाल भी लगा रहे हैं। लगाए गए पौधों की देखभाल भी उनकी टीम कर रही है। डॉ. भानखड़ ने बताया कि दोनों विद्यार्थी पर्यावरण के लिए बेहतर करना चाहते थे तो विवि ने उनका हर संभव सहयोग किया। दोनों दोस्तों ने बताया कि जो विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज टाइम में एनएसएस नहीं ले पाते और समाज सेवा करना चाहते हैं, उन्हें सोशल ग्राम फाउंडेशन से जोड़कर बताया जा रहा है कि समाज को बेहतर बनाने के लिए कैसे सामाजिक कार्य किए जा सकते हैं।