हिसार। नगर निगम में कचरा उठाने वाले 71 वाहनों का जीपीएस एक महीने से बंद पड़ा है। जीपीएस लोकेशन बंद होने के कारण निगम के पास इस बात का कोई रिकॉर्ड जमा नहीं हुआ कि एक महीने में यह वाहन कितने किलोमीटर चले और इन पर तेल का कितना खर्चा हुआ। इस फर्जीवाड़े का पता चलने पर मुख्य सफाई निरीक्षक को चार्जशीट करने के बाद जीपीएस सर्विस को संभालने की जिम्मेदारी इलेक्ट्रिक शाखा के जेई रामदिया शर्मा को सौंपी गई है। वहीं अब निगम प्रशासन सफाई वाली गाड़ियां कहां और कितनी चली इसका पता करने के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार करवाएगा।
बता दें कि नगर निगम के सफाई अमले में 71 गाड़ियां शामिल हैं, जिनमें टाटा एस, ट्रैक्टर व जेसीबी शामिल हैं। इन गाड़ियों पर नजर रखने के लिए जीपीएस सिस्टम लगा हैं। इनकी जीपीएस रिपोर्ट के आधार पर ही निगम में गाड़ियों के तेल के बिल पास किए जाते हैं। कुछ दिनों पहले एक अधिकारी ने जीपीएस लोकेशन देेखने के लिए पासवर्ड मांगा तो पता चला कि 9 जुलाई से इन गाड़ियों की जीपीएस सर्विस बंद पड़ी है। इसके बाद निगमायुक्त ने सीएसआई को चार्जशीट कर दिया तो वहीं एसआई को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया।
बड़ा सवाल :
निगम ने हर एक वार्ड में तीन से चार गाड़ियां दी हुई हैं। इनकी जिम्मेदारी दरोगा व एएसआई के पास है। इसके अलावा गाड़ियों के रखरखाव के लिए एमटीओ की भी तैनात की हुई है। जब इतने दिन से गाड़ियों की जीपीएस सर्विस बंद पड़ी थी तो इन कर्मचारियों ने इस बारे में अपने उच्च अधिकारियों को अवगत क्यों नहीं कराया।
इसका चार्ज मुझे सौंप दिया गया है। जल्द ही जीपीएस सर्विस को दोबारा से शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर भी तैयार करवाया जाएगा। - रामदिया शर्मा, जेई, इलेक्ट्रिक शाखा, नगर निगम