हांसी। नगर परिषद चुनाव के लिए दो दिन ही शेष बचे हैं। प्रचार के लिए चंद घंटों का समय बचा है। नगर परिषद से 7 उम्मीदवार प्रधानी का चुनाव लड़ रहेे हैं और पहली बार निकाय चेयरमैन को सीधे शहर की जनता चुनने जा रही है। सभी सातों उम्मीदवार चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं, मगर चेयरमैन की कुर्सी पर कौन बैठेगा यह तो जनता ही तय करेगी।
भारतीय जनता पार्टी से चेयरपर्सन पद की उम्मीदवार मीनू सेठी ने पहली बार राजनीति में कदम रखा है। आम आदमी पार्टी से यशपाल चेयरमैन पद का चुनाव लड़ रहे हैं। उनका राजनीति में कोई अनुभव नहीं है। 62 वर्ष की उम्र में पहली बार राजनीति में कदम रखा है। इससे पहले उन्होंने 36 वर्ष सरकारी नौकरी में अपनी सेवा दी।
नगर परिषद से पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि व पूर्व पार्षद रिंकू सैनी 20 वर्षों से राजनीति में हैं और उनकी पकड़ क्षेत्र के लोगों में काफी मानी जाती है। पिछड़ा वर्ग सहित अन्य समाज के लोगों में भी उनका अच्छा खासा प्रभाव बना हुआ है। हरिराम सैनी बहुजन समाजवादी पार्टी से चेयरमैन की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वह वार्ड 2 से तीन बार लगातार पार्षद रह चुके हैं और उन्होंने 2019 में विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इसमें वह 6726 वोट लेकर हांसी में चौथे स्थान पर रहे। हरिराम सैनी को राजनीति का पूरा अनुभव है।
प्रवीण एलावादी खुद और पत्नी रही चुकी चेयरपर्सन
आजाद उम्मीदवार के रूप में चेयरमैन का चुनाव लड़ रहे प्रवीण एलावादी जो स्वयं दो बार नगर परिषद चेयरमैन बन चुके हैं और एक बार उनकी धर्मपत्नी चेयरपर्सन रह चुकी हैं। वहीं प्रवीण एलावादी अपने वार्ड से लगातार पांच बार पार्षद रह चुके हैं। प्रवीण एलावादी को राजनीति का पूर्ण अनुभव हैं और वहीं उनकी धर्मपत्नी पूनम एलावादी वार्ड 22 से पार्षद का चुनाव लड़ रही हैं। इनेलो ने योगेश सांगवान को चुनावी मैदान में उतारा है। इससे पहले भी वह पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं मगर उसको हार का सामना करना पड़ा था। योगेश को राजनीति का दस वर्षों का अनुभव है। वहीं आजाद उम्मीदवार अजय कुमार ने चेयरमैन के लिए ताल ठोकी है। अजय कुमार को समाजसेवी के रूप में जाना जाता है। उनकी साफ छवि ही उनकी पहचान है।