नारनौंद। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता व किसान नेता राकेश टिकैत ने मय्यड़ टोल कमेटी के किसानों को आंदोलन में अहम भूमिका निभाने पर डाटा गोशाला की तरफ से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन के समय डाटा गोशाला से दूध व अन्य खाद्य सामग्री बॉर्डर पर पहुंचाई गई थी। आप लोगों ने 13 महीने की कड़ी तपस्या से शांति व अहिंसा के मार्ग पर चलकर आंदोलन को सफल बना कर जीत तक पहुंचाया है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसान को जमीन से जमीन को छीनकर कारपोरेट जगत के हाथों बेचकर किसान को गुलाम बनाने का प्लान बनाया था, लेकिन किसानों ने ऐसा नहीं होने दिया। अहिंसा पर मार्ग पर चलते हुए अपनी बात केंद्र तक पहुंचाने में कामयाब रहे। किसानों पर जितने मुकदमे दर्ज हुए थे वह भी वापस ले लिए गए हैं और जो नहीं लिए गए हैं उनकी प्रक्रिया चल रही है। कुरुक्षेत्र में किसानों पर बिजली विभाग द्वारा दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए हैं। सरकार से कहना चाहता हूं कि इस आंदोलन के दौरान जो मुकदमे हुए थे वह सभी वापस किए जाएं।
किसान नेता सुरेश कोथ ने कहा कि आप यह ना समझो कि यह आंदोलन जो पिछले एक साल से चला है यह खत्म हो गया है। यह आंदोलन सिर्फ स्थगित किया गया है लड़ाई अभी बाकी है। अभी हमें एमएसपी पर कानून बनवाना है। इस मामले में अभी हमारा आंदोलन जारी रहेगा।