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हरियाणा: कोविड अस्पताल का उद्घाटन करने पहुंचे मनोहर लाल के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागे

Sun, 16 May 2021 10:44 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)

सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच हिसार में आज 500 (रविवार) बेड के अस्पताल का उद्घाटन किया। हालांकि किसानों ने सीएम के दौरे का विरोध करना शुरू कर दिया। 
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हिसार में किसानों पर लाठीचार्ज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अस्थायी कोविड केयर अस्पताल का मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लोकार्पण करने के बाद रविवार को किसानों और पुलिस के बीच जमकर टकराव हुआ। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किसानों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान 50 से अधिक किसान और 5 महिला पुलिसकर्मियों समेत 20 कर्मचारी घायल हो गए। घटना के बाद कुछ किसानों को हिरासत में लेने के विरोध में भारी संख्या में किसान आईजी आवास पर धरने पर बैठ गए। साथ ही प्रदेशभर में हाईवे जाम करने का एलान किया। करीब दो घंटे बाद पुलिस के 85 किसानों को रिहा करने किसानों ने धरना वापस लिया।

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को 10:46 बजे 500 बेड के देवीलाल संजीवनी कोविड केयर अस्पताल का लोकार्पण करने हिसार पहुंचे थे। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने पहले से ही मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम का विरोध करने का एलान किया था। 11:32 बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल अपना कार्यक्रम पूरा कर हेलिकॉप्टर से लौट गए। रामायण टोल पर इकट्ठे हुए किसान करीब 12:00 बजे बैरिकेड तोड़ते हुए जिंदल फैक्टरी पहुंचे।


यहां पुलिस ने उन्हें समझाया और रोकने का प्रयास किया। लेकिन किसान रुके नहीं और पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रबर की गोलियां भी चलाईं। इस दौरान 50 से अधिक किसान घायल हुए, इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। जवाब में किसानों ने पथराव किया इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।
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किसानों ने किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हिसार पहुंचने से पहले किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिले के कई टोल प्लाजा पर किसान जुटे रहे। इस दौरान जिलेभर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हांसी बाईपास पर लगे बैरिकेड को किसानों ने तोड़ दिया और रामायण टोल प्लाजा पर आ पहुंचे।

वहीं महम और चंडीगढ़ की तरफ से आ रहे किसानों ने बाडोपट्टी टोल पर जमावड़ा लगाया। हालांकि पुलिस ने हांसी बाईपास, दिल्ली बाईपास, रामायण टोल, बरवाला बाईपास, बाडोपट्टी टोल प्लाजा, सिरसा टोल प्लाजा और जिंदल पुल के पास नाका लगाया है। 

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आईजी आवास पर हुई वार्ता में सहमति के बाद खत्म किया धरना, वापस लिया थानों का घेराव

शाम 4:00 बजे किसान दोबारा रामायण टोल प्लाजा पर इकट्ठे हुए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से बातचीत के बाद आईजी आवास का घेराव करने का एलान किया। साथ ही चेतावनी दी कि दो घंटे के लिए प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे जाम करेंगे। यदि सरकार नहीं मानी तो सोमवार को प्रदेश के सभी थानों के बाहर धरने पर बैठेंगे। किसानों ने दो घंटे तक आईजी राकेश कुमार आर्य के आवास पर धरना दिया। आईजी ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को 6:00 बजे बात करने के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान डीसी डॉ. प्रियंका, एसपी बलवान सिंह राणा भी मौजूद रहे।

किसानों की ओर से गुरनाम सिंह चढूनी, दिलबाग हुड्डा, सतबीर, कुलदीप खरड़, आजाद पालवां, सुमन हुड्डा, सतबीर पहलवान, विकास सीसर गए। करीब ढाई घंटे तक वार्ता हुई। रात 8:00 बजे किसान नेताओं ने बाहर आकर कहा कि उनकी मांगों पर सहमति बन गई है। पुलिस-प्रशासन ने हिरासत में लिए गए 85 किसानों को रिहा करने और किसी पर कोई मामला दर्ज न करने की बात कही। पुलिस जब्त किए वाहन भी लौटाएगी। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया और सोमवार को प्रस्तावित थानों का घेराव भी रद्द कर दिया गया। 8:30 बजे महिलाओं और बुजुर्गों को घर भेज दिया गया और अन्य किसान हिरासत में लिए गए लोगों के इंतजार में आईजी आवास के बाहर डटे रहे। 
 
किसानों पर लाठीचार्ज के दौरान हमारी बुजुर्ग माताओं-बहनों को काफी चोटें आईं। देर शाम वार्ता के बाद हिरासत में लिए गए सभी 85 किसानों को रिहा कर दिया गया। नेताओं के खिलाफ हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान किसी भी पुलिसकर्मी पर हाथ नहीं उठाएंगे, किसी तरह का उलाहना नहीं होना चाहिए। - गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
 
वार्ता के बाद किसानों को छोड़ दिया गया है। गाड़ियों में हुए नुकसान की भरपाई किसान संगठन करेंगे। महिलाओं के अपमान को भुला नहीं सकते। हमने यूपी में पंचायत चुनाव में भाजपा को सबक सिखाया। बंगाल में भाजपा को हराने के लिए काम किया। सत्ता के नशे में चूर मनोहर सरकार को आने वाले समय में जवाब दिया जाएगा। - राकेश टिकैत, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा

उपद्रवियों ने नहर पुल पर लगे बैरिकेड तोड़कर फेंक दिए। जिंदल ओवर ब्रिज के नीचे लगे पुलिस नाके को तोड़ा। डीएसपी अभिमन्यु लोहान के साथ धक्कामुक्की की। पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश की। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के पांव पर भी चोट लगी है। पुलिस पर पथराव, पांच वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया है। इन लोगों ने अस्पताल की परिधि में घुसने की कोशिश की। 5 महिला पुलिसकर्मियों सहित लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनका नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। - विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार। 
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