शाम 4:00 बजे किसान दोबारा रामायण टोल प्लाजा पर इकट्ठे हुए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से बातचीत के बाद आईजी आवास का घेराव करने का एलान किया। साथ ही चेतावनी दी कि दो घंटे के लिए प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे जाम करेंगे। यदि सरकार नहीं मानी तो सोमवार को प्रदेश के सभी थानों के बाहर धरने पर बैठेंगे। किसानों ने दो घंटे तक आईजी राकेश कुमार आर्य के आवास पर धरना दिया। आईजी ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को 6:00 बजे बात करने के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान डीसी डॉ. प्रियंका, एसपी बलवान सिंह राणा भी मौजूद रहे।
किसानों की ओर से गुरनाम सिंह चढूनी, दिलबाग हुड्डा, सतबीर, कुलदीप खरड़, आजाद पालवां, सुमन हुड्डा, सतबीर पहलवान, विकास सीसर गए। करीब ढाई घंटे तक वार्ता हुई। रात 8:00 बजे किसान नेताओं ने बाहर आकर कहा कि उनकी मांगों पर सहमति बन गई है। पुलिस-प्रशासन ने हिरासत में लिए गए 85 किसानों को रिहा करने और किसी पर कोई मामला दर्ज न करने की बात कही। पुलिस जब्त किए वाहन भी लौटाएगी। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया और सोमवार को प्रस्तावित थानों का घेराव भी रद्द कर दिया गया। 8:30 बजे महिलाओं और बुजुर्गों को घर भेज दिया गया और अन्य किसान हिरासत में लिए गए लोगों के इंतजार में आईजी आवास के बाहर डटे रहे।
किसानों पर लाठीचार्ज के दौरान हमारी बुजुर्ग माताओं-बहनों को काफी चोटें आईं। देर शाम वार्ता के बाद हिरासत में लिए गए सभी 85 किसानों को रिहा कर दिया गया। नेताओं के खिलाफ हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान किसी भी पुलिसकर्मी पर हाथ नहीं उठाएंगे, किसी तरह का उलाहना नहीं होना चाहिए। - गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
वार्ता के बाद किसानों को छोड़ दिया गया है। गाड़ियों में हुए नुकसान की भरपाई किसान संगठन करेंगे। महिलाओं के अपमान को भुला नहीं सकते। हमने यूपी में पंचायत चुनाव में भाजपा को सबक सिखाया। बंगाल में भाजपा को हराने के लिए काम किया। सत्ता के नशे में चूर मनोहर सरकार को आने वाले समय में जवाब दिया जाएगा। - राकेश टिकैत, नेता, संयुक्त किसान मोर्चा
उपद्रवियों ने नहर पुल पर लगे बैरिकेड तोड़कर फेंक दिए। जिंदल ओवर ब्रिज के नीचे लगे पुलिस नाके को तोड़ा। डीएसपी अभिमन्यु लोहान के साथ धक्कामुक्की की। पुलिसकर्मियों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश की। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के पांव पर भी चोट लगी है। पुलिस पर पथराव, पांच वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया है। इन लोगों ने अस्पताल की परिधि में घुसने की कोशिश की। 5 महिला पुलिसकर्मियों सहित लगभग 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनका नागरिक अस्पताल में उपचार चल रहा है। - विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार।