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चार राज्यों के किसान करेंगे हांसी एसपी कार्यालय का घेराव

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थाने में चल रहे धरने पर मौजूद किसान। - फोटो : Hisar
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जय कुमार
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नारनौंद (हिसार)। नारनौंद में शनिवार को हुई किसान पंचायत की तरफ से प्रशासन को दिया गया अल्टीमेटम पूरा हो गया है। मगर अब तक किसानों की मांगें नहीं मानी गई हैं। अपनी मांगें मनवाने को किसान सोमवार को हांसी में एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे। किसानों की तरफ से दावा किया जा रहा है कि इस घेराव में प्रदेश के अलावा पंजाब, राजस्थान व यूपी तक के किसान हांसी पहुचेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों को हांसी पहुंचने की कॉल के बाद प्रशासन ने भी इसके लिए अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। हांसी में रेंज के सभी जिलों से पुलिस फोर्स को हांसी बुलाया गया है। वहीं हालात को काबू करने के लिए 11 ड्यूटी मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। इनके अलावा तीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट को रिजर्व में भी रखा गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के कई बड़े किसान नेता हांसी घेराव में पहुंचने वाले हैं।
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किसानों को सुबह दस बजे ही हांसी लघु सचिवालय में बुलाया
किसानों ने एसपी कार्यालय का घेराव करने के लिए दोपहर एक बजे का समय दिया है। सभी किसानों को सुबह दस बजे ही हांसी लघु सचिवालय में बुलाया गया है। दूसरी तरफ प्रशासन की तैयारी किसानों को लघु सचिवालय से दूर ही रोकने की है। इसके लिए हांसी प्रशासन ने रात को ही सचिवालय के बैरिकेडिंग शुरू कर दी है। प्रशासन द्वारा किसानों को जींद रोड, दिल्ली रोड व हांसी शहर की तरफ नाकेबंदी करके सचिवालय से दूर रखने की है। नारनौंद विवाद पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सांसद की गाड़ी का सिर्फ शीशा टूटने पर किसानों पर आठ धाराओं में केस दर्ज किया जाता है। अभी तक तो यह भी स्पष्ट नहीं है कि शीशा पुलिस की लाठी से टूटा या किसानों ने तोड़ा है। वहीं दूसरी तरफ एक युवा किसान को सांसद व उसके साथ आए लोगों ने मरणासन्न पर पहुंचा दिया है, उसमें अभी तक केस तक दर्ज नहीं किया गया है। यह प्रशासन द्वारा एक तरफा की जा रही कार्रवाई है जिसे बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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किसानों की मजबूती के आगे दो बार पहले बैकफुट पर आ चुका है प्रशासन
नारनौंद प्रकरण से पहले हिसार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा किए गए संजीवनी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान किसानों और पुलिस में हुई झड़प में कई किसानों पर हत्या प्रयास का केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा आर्य नगर गांव में डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी का शीशा टूटने के मामले में भी किसानों पर हत्या प्रयास का केस दर्ज किया गया था। दोनों ही मामलों में किसानों द्वारा किए गए आईजी कार्यालय के घेराव के बाद इन केसों को रद्द करना पड़ा था। (संवाद)
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