हिसार। नशाखोरी से एक व्यक्ति की ही जिंदगी नहीं, पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। सबसे बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल के सुकून केंद्र में पीड़िताओं की काउंसिलिंग में सामने आया है कि घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों के पीछे नशे की लत प्रमुख कारण है।
वर्ष 2019 में स्थापित ''''सुकून केंद्र'''' में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं मदद की उम्मीद लेकर आती हैं। केंद्र में अब तक 804 केस दर्ज हो चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या उन महिलाओं की हैं, जो नशे के कारण घरेलू हिंसा की शिकार हुईं। जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा बताते हैं कि अधिकतर मामले ऐसे हैं, जिनमें परिवार का कोई न कोई सदस्य नशे का आदी है और उसी के कारण घर में तनाव, हिंसा और परिवार के बिखरने की स्थिति बनी हुई है। शर्मा ने बताया कि केंद्र पर आने वाली सभी पीड़िताओं को उनके कानूनी अधिकार, सामाजिक सुरक्षा और कर्तव्यों की जानकारी दी जाती है। सिर्फ काउंसिलिंग ही नहीं, बल्कि हर केस का नियमित फॉलोअप किया जाता है, ताकि समस्या का संपूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके। पीड़ितों को चिकित्सकीय परामर्श, पुलिस सहयोग और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य नशाखोरी और घरेलू हिंसा के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहे पीड़ितों को राहत दिलाना और आत्महत्या जैसी गंभीर स्थितियों से बचाना है।
नशा पीड़ित तीन परिवारों की आपबीती
केस-1
नशे से टूट गया परिवार
हिसार निवासी 39 वर्षीय महिला का पति नशा पीड़ित है। वह पत्नी और विधवा भाभी से मारपीट करता है। इस वजह से पत्नी उससे अलग रहने लगी तो 15 वर्षीय बेटी को परेशान करने लगा। इससे किशोरी की पढ़ाई तक छूट गई। वह भी मां के साथ चली गई। इसके बाद वह पत्नी को जान से मारने तक की धमकी देने लगा। आखिर बाल कल्याण परिषद मदद से किशोरी और उसकी मां को पुलिस सहायता उपलब्ध कराई गई।
केस-2
पत्नी छोड़ गई, विधवा बहू को करने लगा परेशान
मोहल्ला विनोद नगर निवासी 35 वर्षीय व्यक्ति नशा करता है। इस व्यक्ति की पत्नी उससे अलग रह रही है और तलाक का केस विचाराधीन है। इस कारण वह घर में अकेली रह रही विधवा बहू को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। नागरिक अस्पताल के सुकून केंद्र के माध्यम से आरोपी पर पुलिस कार्रवाई में मदद की गई।
केस-3
पत्नी को छोड़ सकता है लेकिन नशा नहीं
उकलाना क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय महिला का पति भी नशा पीड़ित है। महिला बताती हैं कि दिनभर खाली घूमने और नशा करने के बाद देर रात तक घर लौटता है और आते ही झगड़ा करने लगता है। पति की नशाखोरी से बच्चे शिक्षा से भी वंचित हो रहे हैं। समझाने पर मारपीट करता है। वह कहता है कि पत्नी को छोड़ सकता हूं, लेकिन नशे को नहीं।