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नकली चोट असली नोट : मामा-भांजा दोषी, डॉ. संजय वर्मा बरी, सजा 7 को

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हिसार। नकली चोट मारकर मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) के माध्यम से हत्या के प्रयास का केस दर्ज करवाने के लिए रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किए आरोपी हिसार के हैबतपुर गांव निवासी बलविंदर व न्यू मॉडल टाउन निवासी कुलदीप को अदालत ने दोषी करार दिया है। दोनों दोषी मामा-भांजा हैं।
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शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वेद प्रकाश सिरोही की अदालत ने इसी मामले में तीसरे आरोपी मेट्रो अस्पताल के संचालक डॉ. संजय वर्मा को बरी कर दिया। दोषियों को 7 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। इस बारे में सिविल लाइन थाना पुलिस ने गत 23 मार्च, 2010 को राजस्थान के चुरू जिले के धानोठी छोटी गांव निवासी एडवोकेट हरदीप सिंह की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 195, 420, 34 व 511 के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस को दी शिकायत में एडवोकेट हरदीप ने बताया था कि उसके व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने 25 दिसंबर, 2009 को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 149, 323 व 325 के तहत एक झूठा केस दर्ज किया था। बाद में नकली चोट मारकर बनाई गई एमएलआर रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इस मामले में हत्या प्रयास की धारा 307 भी जोड़ दी। जब मामले की जांच की तो पता चला कि हिसार के कुछ चिकित्सक नकली चोट मारकर हत्या प्रयास की एमएलआर बनाते हैं। इसके बाद इस खेल में जुड़े दलालों का पता लगाया तो उसका संपर्क मेट्रो अस्पताल के एक कर्मचारी बलविंदर और एएमसी अस्पताल के कर्मचारी कुलदीप से हुआ। उन्होंने नकली चोट के लिए डेढ़ लाख रुपये का खर्चा बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए वे कई चिकित्सकों की मदद लेकर आपके मरीज के सिर का ऑपरेशन करके हत्या के प्रयास की धारा वाली चोट मारेंगे और मरीज को नुकसान भी नहीं होगा। इसके बाद वह अपने दो सगे भाई पवन व राजेश कुमार और पिता ओमप्रकाश को लेकर हिसार आया और पवन का झूठा मेडिकल बनाने के लिए 50 हजार रुपये में बात पक्की की। इसके बाद पुलिस की टीम गठित की गई और पवन को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद बलविंदर व कुलदीप को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने झूठा मेडिकल बनवाने के लिए डॉ. संजय वर्मा से बात करने के बाद पवन से 50 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद पुलिस ने डॉ. संजय वर्मा को भी आरोपी बनाया, लेकिन अदालत ने उन्हें बरी कर दिया।
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